इस महीने à¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ ही खास तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° आपके दरवाजों पर दसà¥à¤¤à¤• देने वाले हैं। आइठजानते हैं इस तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के बारे में …
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यूं तो राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की रंगीली घरती को तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ का आंगन ही कहा जाता है। यहां साल का à¤à¤• à¤à¥€ महीना à¤à¤¸à¤¾ नहीं जिसमें तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के रंगों की गà¥à¤²à¤¾à¤² न उड़ती हो। लेकिन अकà¥à¤Ÿà¥‚बर महीना कà¥à¤› खास है। इस महीने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के साथ ही अगले कà¥à¤› महीनों तक तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ की बाढ़ सी आ जाती है। इस महीने à¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ ही खास तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° आपके दरवाजों पर दसà¥à¤¤à¤• देने वाले हैं। आइठजानते हैं इस तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के बारे में …
1. शारदीय नवरातà¥à¤°
2. आà¤à¤¾à¤¨à¥‡à¤°à¥€ फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤²
3. दशहरा
4. à¤à¤¡à¤µà¥‡à¤‚चर फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤²
5. मारवाड़ फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤²
1. शारदीय नवरातà¥à¤° (10-18 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर)
सबसे पहले बात करते हैं शारदीय नवरातà¥à¤° की। नवरातà¥à¤° 10 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर से शà¥à¤°à¥ हो गठहैं। 9 दिवसीय यह तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ ही नहीं, अपितॠदेशà¤à¤° में बड़े चाव से मनाया जाता रहा है। घर—घर में 9 दिनों के लिठदेवी माता की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की जाà¤à¤—ी। 9 दिनों की नवरातà¥à¤°à¤¿ होना देश में खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤²à¥€ का संकेत है। नवरातà¥à¤° में 9 दिनों में हर दिन वà¥à¤°à¤¤ रखने का अलग-अलग फल मिलता है। नवरातà¥à¤° के बाद गरबा और डांडियों की खनक के लिठआप à¤à¥€ पूरी तरह से तैयार होंगे ही।
2. आà¤à¤¾à¤¨à¥‡à¤°à¥€ फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² (11-12 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर)
आà¤à¤¾à¤¨à¥‡à¤°à¥€ फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² जयपà¥à¤° से करीब 90 किमी.दूर दौसा जिले में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ आà¤à¤¾à¤¨à¥‡à¤°à¥€ गांव (आगरा रोड) के नाम पर रखा गया है। आà¤à¤¾à¤¨à¥‡à¤°à¥€ गांव का मूल रूप से आà¤à¤¾ नगरी नाम दिया गया था, जिसका अरà¥à¤¥ है ‘चमक का शहर’। यह सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ चांद-बावड़ी à¤à¤µà¤‚ चरण कà¥à¤à¤‚ के लिठलोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ है, जो हजारों साल पहले बनाठगठसबसे बड़े कदम कà¥à¤“ं में से à¤à¤• है। राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ किया आà¤à¤¾à¤¨à¥‡à¤°à¥€ महोतà¥à¤¸à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के लिठबहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। इस दो दिवसीय तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° ने दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों के बीच बेहद लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ हासिल की है। यह फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² 11 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ रंगीले राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ लोक पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥‹à¤‚ जैसे काची घोरी, कालबेलिया, घà¥à¤®à¤° और à¤à¤¾à¤µà¤¾à¤ˆ के साथ शà¥à¤°à¥‚ होगा। इन 2 दिनों में पारंपरिक राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ संगीत के साथ ठेठदेहाती माहौल का मिला-जà¥à¤²à¤¾ सà¥à¤µà¤°à¥à¤ª देखने को मिलेगा।
3. दशहरा (18 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर-5 नवमà¥à¤¬à¤°)
सà¤à¥€ जानते हैं कि दशहरा का तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° रामायण काल में लंकापति रावण यानि बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ पर अचà¥à¤›à¤¾à¤ˆ के पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® की जीत की खà¥à¤¶à¥€ के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन रावण सहित मेघनाथ à¤à¤µà¤‚ कà¥à¤‚à¤à¤•रण के पà¥à¤¤à¤²à¥‡ फूंके जाते हैं लेकिन कोटा जिले में खास तौर पर दशहरे का तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° मनाया जाता है। 10 दिन तक चलने वाली इस धूम में बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ लोगों के साथ विदेशी परà¥à¤¯à¤Ÿà¤• à¤à¥€ à¤à¤¾à¤— लेते हैं। यहां सांसà¥à¤•ृतिक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ का आयोजन होता है और देसी-विदेशी परà¥à¤¯à¤Ÿà¤• पारंपरिक वेशà¤à¥‚षा (पगड़ी-धोती) आदि में नजर आते हैं। अंतिम दिन 75 फीट से à¤à¥€ लंबे रावण-कà¥à¤‚à¤à¤•रण-मेघनाथ के पà¥à¤¤à¤²à¥‡ रंगीन आतिशबाजीयों के साथ जलाठजाते हैं।
4. à¤à¤¡à¤µà¥‡à¤‚चर फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² (18 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर-5 नवमà¥à¤¬à¤°)
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के 7 अजूबों को अपने आंचल में सिमेटे शिकà¥à¤·à¤¾ नगरी यानि कोटा शहर में हर साल à¤à¤¡à¤µà¥‡à¤‚चर फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² का आयोजन किया जाता है। यह फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² वासà¥à¤¤à¤µ में दशहरा फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² का ही à¤à¤• पारà¥à¤Ÿ है जिसे मूल रà¥à¤ª में परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ को बढ़ावा देने के लिठशà¥à¤°à¥ किया गया है। यह फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² उन खेल पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• सà¥à¤µà¤°à¥à¤— है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खतरों से डर नहीं लगता या जो खतरों के खिलाड़ी हैं। कोटा के à¤à¤¡à¤µà¥‡à¤‚चर फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² में दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° से पैरासेलिंग, राफà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग, विंड सरà¥à¤«à¤¿à¤‚ग, वॉटर सà¥à¤•ीइंग व बोटिंग जैसे à¤à¤¡à¤µà¥‡à¤‚चर गेमà¥à¤¸ में à¤à¤¾à¤— लेने पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ी यहां आते हैं। किलकिलाती हà¥à¤ˆ चंबल नदी पर 10 दिनों तक चलने वाले आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤œà¤¨à¤• व साहसिक महोतà¥à¤¸à¤µ दरà¥à¤¶à¤•ों की धड़कनों को उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करने वाले साबित होते हैं। इनके अलावा, रॉक कà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤‚बिंग, गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤‚ग, टà¥à¤°à¥‡à¤•िंग, à¤à¤¨à¤²à¤¿à¤‚ग और गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ à¤à¥à¤°à¤®à¤£ का à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤‚स à¤à¥€ शानदार है।
5. मारवाड़ फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² (23-24 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर)
रंगीले जोधपà¥à¤° में सितमà¥à¤¬à¤° से अकà¥à¤Ÿà¥‚बर महीने में मनाया जाने वाला मारवाड़ महोतà¥à¤¸à¤µ राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के वीरों की याद में मनाया जाता है। यह है तो केवल 2 दिवसीय फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² लेकिन पूरे साल के लिठदिनों में यादे बनकर बस जाता है। इसे मूल रूप से माणà¥à¤¡ फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² के नाम से जाना जाता है। इस तà¥à¤¯à¥Œà¤¹à¤¾à¤° का मà¥à¤–à¥à¤¯ आकरà¥à¤·à¤£ लोक संगीत राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के शासकों की जीवन शैली के आसपास केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ है। मारवाड़ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° का संगीत और नृतà¥à¤¯ इस तà¥à¤¯à¥Œà¤¹à¤¾à¤° का मà¥à¤–à¥à¤¯ विषय है। मारवाड़ फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² में पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¤à¤° के लोक नरà¥à¤¤à¤•ियों और गायक गतà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° में इकटà¥à¤ े होते हैं और अपनी कला का जीवंत पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करते हैं। लोक कलाकार आपको अपने गानों के माधà¥à¤¯à¤® से यहां के रणबांकà¥à¤°à¥‹à¤‚ और वीरों की à¤à¤• à¤à¤²à¤• परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों के सामने रखते हैं। फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² के अनà¥à¤¯ आकरà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में कैमल टैटू शो और मूंछ, पगड़ी टाईंग, टग ऑफ वॉर, मटका रेस, पारंपरिक डà¥à¤°à¥‡à¤¸ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता शामिल हैं।
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