विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम 'डिप्रेशन -लेट्स टॉक’ की तर्ज़ पर मुम्बई से एक टीम कोटा आई

Patrika Apr 07, 2017, 09:05 IST

Scroll down for more.!

कोटा.: डिप्रेशन या मानसिक तनाव के लिहाज से शैक्षणिक नगरी कोटा का स्वास्थ्य कोई सुखद नहीं है। वजह है देश के कोने कोने से यहां पढऩे आए छात्रों में व्याप्त तनाव। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले पांच साल में 87 स्टूडेंट्स डिप्रेशन के चलते आत्महत्या कर चुके हैं।

इसी के चलते इन दिनों कोटा भाभा अनुसंधान केन्द्र, मुम्बई से एक टीम कोटा आई हुई है। टीम यहां स्टूडेंट्स में तनाव के कारणों को लेकर विस्तृत अध्ययन कर रही है। इधर, डब्ल्यूएचओ की थीम से इत्तेफाक रखते हुए ही कोटा के मनोचिकित्सकों का भी कहना है कि तनाव ग्रस्त छात्र या व्यक्ति कैसे भी करके अपनी भावनाओं को शेयर जरूर करें। किसी को ना बता पाएं तो लिख दें किसी कागज पर।

ये दो  à¤ªà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण

पढ़ाई : जो बच्चे कोटा आते हैं, वे अपने जिले के टॉपर आते हैं। कोटा आते ही उन्हें अपने जैसे सैकड़ों बच्चे मिलते हैं और वे कम्पीट नहीं कर पाते। इस कारण पढ़ाई का तनाव शुरू हो जाता है।

पेरेंट्स प्रेशर : ऑनलाइन रिजल्ट का तुरंत पेरेंट्स को पता चल जाता है। वे बच्चों को कॉन्फिडेंस में लेने की बजाय बच्चे की पढ़ाई के प्रति गंभीरता को ही कठघरे में खड़े कर देते हैं।

See Also