Patrika Apr 07, 2017, 09:05 IST
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कोटा.: डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ या मानसिक तनाव के लिहाज से शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• नगरी कोटा का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ कोई सà¥à¤–द नहीं है। वजह है देश के कोने कोने से यहां पढऩे आठछातà¥à¤°à¥‹à¤‚ में वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तनाव। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले पांच साल में 87 सà¥à¤Ÿà¥‚डेंटà¥à¤¸ डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के चलते आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ कर चà¥à¤•े हैं।
इसी के चलते इन दिनों कोटा à¤à¤¾à¤à¤¾ अनà¥à¤¸à¤‚धान केनà¥à¤¦à¥à¤°, मà¥à¤®à¥à¤¬à¤ˆ से à¤à¤• टीम कोटा आई हà¥à¤ˆ है। टीम यहां सà¥à¤Ÿà¥‚डेंटà¥à¤¸ में तनाव के कारणों को लेकर विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ कर रही है। इधर, डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ की थीम से इतà¥à¤¤à¥‡à¤«à¤¾à¤• रखते हà¥à¤ ही कोटा के मनोचिकितà¥à¤¸à¤•ों का à¤à¥€ कहना है कि तनाव गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ छातà¥à¤° या वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कैसे à¤à¥€ करके अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को शेयर जरूर करें। किसी को ना बता पाà¤à¤‚ तो लिख दें किसी कागज पर।
ये दो पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण
पढ़ाई : जो बचà¥à¤šà¥‡ कोटा आते हैं, वे अपने जिले के टॉपर आते हैं। कोटा आते ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने जैसे सैकड़ों बचà¥à¤šà¥‡ मिलते हैं और वे कमà¥à¤ªà¥€à¤Ÿ नहीं कर पाते। इस कारण पढ़ाई का तनाव शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है।
पेरेंटà¥à¤¸ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° : ऑनलाइन रिजलà¥à¤Ÿ का तà¥à¤°à¤‚त पेरेंटà¥à¤¸ को पता चल जाता है। वे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कॉनà¥à¤«à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚स में लेने की बजाय बचà¥à¤šà¥‡ की पढ़ाई के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ को ही कठघरे में खड़े कर देते हैं।
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