पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी ने डंडी यातà¥à¤°à¤¾ के 89 साल पूरे होने पर अपने आधिकारिक बà¥à¤²à¥‰à¤— पर अपने विचार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किये। जिनको हम आपके लिठपेश कर रहे हैं।
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89 वरà¥à¤· पहले आज ही का वो दिन था, जब बापू ने à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• दांडी मारà¥à¤š की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की थी। हालांकि, दांडी मारà¥à¤š अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤ªà¥‚रà¥à¤£ नमक कानून का विरोध करने के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से निकाला गया था। लेकिन, इस आंदोलन ने अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ शासन की नींव को हिला दिया था। दांडी मारà¥à¤š अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ और असमानता से लड़ने का à¤à¤• मजबूत पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• बन गया।कà¥à¤¯à¤¾ आपको पता है कि दांडी मारà¥à¤š की योजना तैयार करने में किसने महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆ थी?
दरअसल, इसके पीछे हमारे महान नेता सरदार वलà¥à¤²à¤à¤à¤¾à¤ˆ पटेल थे।
वे संगठन की बारीकियों को समà¤à¤¤à¥‡ थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दांडी मारà¥à¤š की ना केवल रूपरेखा तैयार की, बलà¥à¤•ि पल-पल उस पर अपनी पैनी नजर à¤à¥€ बनाठरखी थी। अंगà¥à¤°à¥‡à¤œ, सरदार साहब से इतने अधिक à¤à¤¯à¤à¥€à¤¤ हो गठथे कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दांडी मारà¥à¤š से कà¥à¤› दिन पहले ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह सोच कर गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° कर लिया था कि इससे गांधी जी डर जाà¤à¤‚गे। हालांकि, à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› à¤à¥€ नहीं हà¥à¤†à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ सामà¥à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯ से लड़ने का मजबूत इरादा हर मà¥à¤¶à¥à¤•िल और डर पर à¤à¤¾à¤°à¥€ था!
पिछले दिनों मà¥à¤à¥‡ दांडी में उस जगह जाने का सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†, जहां बापू ने अपनी मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी में नमक उठाकर अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥‹à¤‚ को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ दी थी। वहां पर à¤à¤• अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¥à¤¨à¤¿à¤• संगà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤²à¤¯ à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया गया है। मैं सà¤à¥€ से आगà¥à¤°à¤¹ करता हूं कि उसे देखने अवशà¥à¤¯ जाà¤à¤‚।
गांधी जी ने हमें सिखाया है कि कोई à¤à¥€ कारà¥à¤¯ करने से पहले हम समाज के उस गरीब से गरीब वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की परेशानियों के बारे में सोचें और यह विचार करें कि हमारे दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया गया कारà¥à¤¯ उस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को किस पà¥à¤°à¤•ार पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है। मà¥à¤à¥‡ यह कहते हà¥à¤ गरà¥à¤µ की अनà¥à¤à¥‚ति हो रही है कि हमारी सरकार ने हर कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में जो à¤à¥€ कारà¥à¤¯ किया है, उसमें इस चिंतन को समाहित किया गया है कि इससे कैसे गरीबी दूर होगी और समृदà¥à¤§à¤¿ आà¤à¤—ी।
यह दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की संसà¥à¤•ृति गांधीवादी विचारधारा के बिलà¥à¤•à¥à¤² विपरीत हो चà¥à¤•ी है।
बापू ने कहा था, “ ...मेरे लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ की असली आजादी वो है, जब देशवासियों में à¤à¤¾à¤ˆà¤šà¤¾à¤°à¥‡ की अटूट à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ हो।†गांधी जी ने हमेशा अपने कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से ये संदेश दिया कि असमानता और जाति विà¤à¤¾à¤œà¤¨ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसी à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯ नहीं है। दà¥à¤– की बात है कि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने समाज को विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ करने में कà¤à¥€ संकोच नहीं किया। सबसे à¤à¤¯à¤¾à¤¨à¤• जातिगत दंगे और दलितों के नरसंहार की घटनाà¤à¤‚ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के शासन में ही हà¥à¤ˆ हैं।
बापू ने 1947 में कहा था, “समाज का नेतृतà¥à¤µ करने वाले सà¤à¥€ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और नेताओं का करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ है कि वे à¤à¤¾à¤°à¤¤ के समà¥à¤®à¤¾à¤¨ की रकà¥à¤·à¤¾ करें, चाहे उनका राजनीतिक रà¥à¤à¤¾à¤¨ कà¥à¤› à¤à¥€ हो, चाहे वे किसी à¤à¥€ दल से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हों। अगर कà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ और à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° फलते-फूलते हैं तो देश के गौरव की रकà¥à¤·à¤¾ नहीं की जा सकती है। कà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ और à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° à¤à¤•-दूसरे को बढ़ावा देते हैं।†हमारी सरकार ने à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सजा दिलाने के लिठकठोर क़दम उठाठहैं। लेकिन, देश ने देखा है कि कैसे ‘कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸â€™ और ‘à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤°â€™ à¤à¤•-दूसरे के परà¥à¤¯à¤¾à¤¯ बन गठहैं। आप किसी à¤à¥€ सेकà¥à¤Ÿà¤° का नाम ले लीजिà¤, आपको वहां कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ का à¤à¤• घोटाला नजर आ जाà¤à¤—ा। चाहे रकà¥à¤·à¤¾, टेलिकॉम और सिंचाई का कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° हो या फिर खेल के आयोजनों से लेकर कृषि, गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ विकास जैसे कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°, कोई à¤à¥€ सेकà¥à¤Ÿà¤° कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के घोटालों से अछूता नहीं है।
बापू ने तà¥à¤¯à¤¾à¤— की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ पर बल देते हà¥à¤ यह सीख दी कि आवशà¥à¤¯à¤•ता से अधिक संपतà¥à¤¤à¤¿ के पीछे à¤à¤¾à¤—ना ठीक नहीं है। जबकि, कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने बापू की इस शिकà¥à¤·à¤¾ के विपरीत अपने बैंक खातों को à¤à¤°à¤¨à¥‡ और सà¥à¤–-सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं वाली जीवन शैली को अपनाने का ही काम किया। ये सà¥à¤–-सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤à¤‚ गरीबों की मूलà¤à¥‚त आवशà¥à¤¯à¤•ताओं की कीमत पर जà¥à¤Ÿà¤¾à¤ˆ गईं।
महिला कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“ं के à¤à¤• समूह से बातचीत करते हà¥à¤ बापू ने कहा था, “मà¥à¤à¥‡ à¤à¤¸à¥€ शिकायतें मिल रही हैं कि देश के कà¥à¤› तथाकथित बड़े नेता अपने पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के जरिठसंपतà¥à¤¤à¤¿ का संगà¥à¤°à¤¹ करने में लगे हैं। à¤à¤¾à¤ˆ-à¤à¤¤à¥€à¤œà¤¾à¤µà¤¾à¤¦ और à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° काफी बढ़ गया है। मà¥à¤à¤¸à¥‡ यह à¤à¥€ कहा गया है कि मैं इस मामले में हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª करूं। अगर यह सब सही है तो यही कहा जा सकता है कि हम अपने दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ की दहलीज पर खड़े हैं।†बापू वंशवादी राजनीति की निंदा करते थे, लेकिन ‘Dynasty First’ आज की कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ का मूलमंतà¥à¤° बन चà¥à¤•ा है।
लोकतंतà¥à¤° में अटूट आसà¥à¤¥à¤¾ रखने वाले बापू ने कहा था, “मेरी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में लोकतंतà¥à¤° वह शासन पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ है, जो किसी कमजोर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¥€ उतना ही अवसर देती है, जितना किसी शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को।†इसे विडंबना ही कहेंगे कि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने देश को ‘आपातकाल’ दिया, यह वह वकà¥à¤¤ था, जब हमारी लोकतांतà¥à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को रौंद डाला गया था। यही नहीं कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने धारा 356 का कई बार दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— किया। अगर कोई नेता उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पसंद नहीं आता था तो वे उसकी सरकार को ही बरà¥à¤–ासà¥à¤¤ कर देते थे।
कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने हमेशा वंशवादी संसà¥à¤•ृति को बढ़ावा दिया। लोकतांतà¥à¤°à¤¿à¤• मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उनकी कà¤à¥€ कोई आसà¥à¤¥à¤¾ नहीं रही है। गांधी जी कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ कलà¥à¤šà¤° को अचà¥à¤›à¥€ तरह से समठचà¥à¤•े थे। इसीलिठवे चाहते थे कि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को à¤à¤‚ग कर दिया जाà¤, विशेषकर 1947 के बाद।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा था, ‘’बड़े ही दà¥à¤– के साथ मà¥à¤à¥‡ ये कहना पड़ रहा है कि कई कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने सà¥à¤µà¤°à¤¾à¤œ को केवल à¤à¤• राजनीतिक आवशà¥à¤¯à¤•ता के रूप में देखा है, ना कि अनिवारà¥à¤¯à¤¤à¤¾ के रूप में।’’ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यह à¤à¥€ कहा कि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ नेता सिरà¥à¤« सामà¥à¤ªà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• जोड़-घटाव में वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ हैं। 1937 में ही वे कह चà¥à¤•े थे, ‘’अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° को सहने की बजाय मैं चाहूंगा कि पूरी कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को शालीनता के साथ समाधि दे दी जाà¤à¥¤â€™â€™
सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ की बात है कि केंदà¥à¤° में आज à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सरकार है, जो बापू के पदचिहà¥à¤¨à¥‹à¤‚ पर चलते हà¥à¤ जनसेवा में जà¥à¤Ÿà¥€ है। वहीं, à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ जनशकà¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ है, जो à¤à¤¾à¤°à¤¤ को कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ कलà¥à¤šà¤° से मà¥à¤•à¥à¤¤ करने के उनके सपनों को पूरा कर रही है!
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