जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बगरू की पारंपरिक कला को जीवनà¥à¤¤ रखा
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“बगरू में रहने वाले अधिकांश लोगो की तरह हाथ-छपाई और कपड़े रंगने हमारा पà¥à¤¶à¥à¤¤à¥ˆà¤¨à¥€ काम हैं। हमारे पास हमारा अपना बड़ा कारखाना है जिसमें अनेक मेजों को कà¥à¤°à¤®à¤¬à¤¦à¥à¤§ तरीके से रखा गया है। इसी जगह पर मेरे पिता और उनसे पहले उनके पिता काम करते थे। यहाठकाम की न जगह बदली हैं न ही बदली हैं बगरू छपाई की सामगà¥à¤°à¥€, लेकिन इन दो चीज़ों के अलावा इन दो पीढ़ियों के बीच बहà¥à¤¤ कà¥à¤› बदल गया है। मेरे पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ ने अपने कौशल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² केवल घर चलाने के लिठकिया, पर अब परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने मà¥à¤à¥‡ इस काबिल बना दिया हैं की में इस कला को अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° तक ले जा पॠरहा हूà¤à¥¤ अब हमे इस कला का सही मूलà¥à¤¯ मिलता हैं, जिससे हमे और हमारे साथ काम कर रहे परिवारों को 3 से 4 गà¥à¤¨à¤¾ अधिक की आमदनी मिलती हैं। मà¥à¤à¥‡ इतना सकà¥à¤·à¤® बनाने वाला अचà¥à¤›à¤¾ समय 1997 में शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤† जब साइराकà¥à¤¯à¥‚ज यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की à¤à¤• टीम बगरू पहà¥à¤‚ची। उनमें से à¤à¤• छातà¥à¤°, à¤à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ ओरी डेनिकोला, जो इस समय सहायक पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° के पद पर कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ हैं, ने हमारे काम में रूचि ली और इसमें नवीनीकरण का सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया। उनà¥à¤¹à¥€ के सहयोग के कारण हम इस कला को अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर पहचान दिला पाà¤à¥¤
बाद में, साल 2009 के दौरान यूनियन कॉलेज नà¥à¤¯à¥‚ यॉरà¥à¤• से, à¤à¤• और छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ का à¤à¤• समूह हमारे सà¥à¤Ÿà¥‚डियो में पहà¥à¤‚चा। उसी समूह में मेरा à¤à¤• परमपà¥à¤°à¤¿à¤¯ मितà¥à¤° और à¤à¤¾à¤µà¥€ साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° जेरेमी फà¥à¤°à¤¿à¤¤à¥à¤œà¤¼à¥à¤¹à¤¾à¤‚ड à¤à¥€ थे। वे नौ महीने तक हमारे साथ रहे और उस दौरान उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हमारे काम को बड़ी ही बारीकी से परखा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बाद में à¤à¤• साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ फरà¥à¤® को खोलने का सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया जो न केवल पारंपरिक कला में आधà¥à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤§à¤¾à¤° लाà¤à¤—ा बलà¥à¤•ि इसे अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर ले जाने के हमारे अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ को à¤à¥€ सà¥à¤«à¥‚रà¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करेगा। पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ योजना 2011 में संपनà¥à¤¨ हà¥à¤ˆ जब हमने ‘बगरॠटेकà¥à¤¸à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤²à¥à¤¸’ की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की। अब हमारा काम हमारे लिठऔर हमारे काम से जà¥à¥œà¥‡ अनà¥à¤¯ परिवारों के लिठऔर अधिक परिषà¥à¤•ृत और उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤• बन गया है। हमने अब बिचोलियों की शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला को तोड़कर, सीधे डिजाइनरों और गà¥à¤°à¤¾à¤¹à¤•ों के साथ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤• समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ बना लिठहैं। इस तरह हम अब सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ कारीगरों को अधिक मेहनताना दे पाते हैं जिससे उनकी जीवन शैली में à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¤à¤ƒ सà¥à¤§à¤¾à¤° आ रहा हैं। उपà¤à¥‹à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं के साथ सीधे कारà¥à¤¯ करने से à¤à¤• और फायदा हà¥à¤† हैं और वह हैं कारà¥à¤¯ में विशिषà¥à¤Ÿà¥€à¤•रण आना। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के गà¥à¤°à¤¾à¤¹à¤• अपनी रूचि के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अपने डिजाइन आवशà¥à¤¯à¤•ताà¤à¤‚ à¤à¥‡à¤œà¤¤à¥‡ हैं और हम उनके दिठगठविनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही पà¥à¤°à¤¿à¤‚ट तैयार करते हैं। अब हमारा वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ तेज गति से आगे बड रहा हैं। इसके अतिरिकà¥à¤¤, नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• के हमारे दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ ने इस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ पारंपरिक कला को वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° पर पहचान दिलाई हैं। अब हमारे परिसर में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ वॠअंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ संसà¥à¤¥à¤¾à¤ कारà¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤²à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ लगवाती हैं। यही सब देखकर में गरà¥à¤µ से कह सकता हूठकी हमारी पारंपरिक बगरू कला का à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ उजà¥à¤œà¥à¤µà¤² है।”
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