राजधानी जयपà¥à¤° में मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ अशोक गहलोत के सिविल लाइंस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सरकारी आवास के पास बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को à¤à¤• किसान ने आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ की कोशिश कर सरकार से नाराजगी को जाहिर कर दिया है। घटना के बाद पà¥à¤²à¤¿à¤¸ के आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
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राजधानी जयपà¥à¤° में मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ अशोक गहलोत के सिविल लाइंस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सरकारी आवास के पास बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को à¤à¤• किसान ने आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ की कोशिश कर सरकार से नाराजगी को जाहिर कर दिया है। घटना के बाद पà¥à¤²à¤¿à¤¸ के आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ को जà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¨ सौंपने आठकिसान ने आवास से कà¥à¤› ही दूरी पर सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पर जà¥à¤µà¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² पदारà¥à¤¥ छिड़क कर आतà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¹ की कोशिश की। हालांकि, सीà¤à¤® आवास पर मौजूद पà¥à¤²à¤¿à¤¸à¤•रà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने किसान के पास पहà¥à¤‚चकर कà¥à¤› देर की मशकà¥à¤•त के बाद आग पर काबू तो पाया लिया लेकिन, इसमें किसान काफी जल गया। किसान को à¤à¤¸à¤à¤®à¤à¤¸ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ करवाया गया है जहां उसका इलाज जारी है, और किसान की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
आतà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¹ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने वाला किसान à¤à¤—वान सिंह अलवर के तिजारा के पास ईसरोदा का रहने वाला है। à¤à¤—वान सिंह का खेत में पानी की सिंचाई को लेकर पड़ोसी के साथ कà¥à¤› विवाद चल रहा है जिसे सà¥à¤²à¤à¤¾à¤¨à¥‡ को लेकर à¤à¤—वान सिंह ने सरपंच से लेकर कलेकà¥à¤Ÿà¤° तक गà¥à¤¹à¤¾à¤° लगाई लेकिन, नतीजा सिरà¥à¤« सिफर ही रहा है। जिसके बाद सà¤à¥€ जगह से थक हार कर à¤à¤—वान अपनी समसà¥à¤¯à¤¾ को लेकर मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ अशोक गहलोत को जà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¨ देने के लिठजयपà¥à¤° आया था। उसके बाद आतà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¹ की कोशिश कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की गई इसे लेकर सीà¤à¤®à¤†à¤° पर मौजूद पà¥à¤²à¤¿à¤¸à¤•रà¥à¤®à¥€ और आईबी के अधिकारी à¤à¥€ इस पर कà¥à¤› बोलने से परहेज कर रहे हैं। वहीं सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ से मिली जानकारी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° किसान à¤à¤—वान की सीà¤à¤® आवास पर à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ नहीं होने के बाद उसने आतà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¹ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया है।
सूबे के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ आवास के बाहर इस तरह की घटना के बाद से ही वो सà¤à¥€ सरकारी दावें फेल होते नजर आà¤, जिनमें कहा जा रहा है कि पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ का किसान कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सरकार से खà¥à¤¶ है। वहीं, सोशल मीडिया पर इस घटना के बाद जनता गहलोत सरकार से सवालों के साथ वà¥à¤¯à¤‚गà¥à¤¯ à¤à¥€ कर रही है। कà¥à¤› लोग कह रहे हैं कि ये तो सरकार से खà¥à¤¶ जनमानस की सिरà¥à¤« बानगीà¤à¤° है। वहीं कà¥à¤› लोग कह रहे हैं कि अà¤à¥€ तो सरकारी सà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ के मातà¥à¤° दो माह ही पूरे हà¥à¤ हैं। अà¤à¥€ तो आगे आगे देखिठहोता है कà¥à¤¯à¤¾!
गौरतलब है कि 2013 में à¤à¥€ जब गहलोत मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ थे, तब à¤à¥€ à¤à¤• महिला ने अपनी समसà¥à¤¯à¤¾ की सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ और समाधान नहीं होने के चलते आतà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¹ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया था। और अब 2019 में गहलोत सरकार बनने के दो माह बाद ही इस तरह की घटना ने खोखलें सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है।
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