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अब ऊंटों के खून से बनेगी वैक्सिन, स्नेक बाइट को लेकर बड़ा रिसर्च

मेडिकल कॉलेज बीकानेर के एक रिसर्च में दावा किया गया है कि सांप के काटने पर ऊंट का खून बेहद कारगर हो सकता है |

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राजस्थान के ऊंटों को जहां पहले से ही रेगिस्तान के जहाज का तमगा प्राप्त है वहीं अब वे अपने खून से लोगों की जिंदगी बचाएंगे | मेडिकल कॉलेज बीकानेर के एक रिसर्च में दावा किया गया है कि सांप के काटने पर ऊंट का खून बेहद कारगर हो सकता है | बीकानेर मेडिकल कालेज और राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र के रिसर्च में ऐसे दावे किए गए हैं |

बीकानेर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरपी अग्रवाल का कहना है कि डॉक्टरों की एक टीम ने शोध में पाया कि सांप के काटने पर आपको एक साथ कई इंजेक्शन नहीं लगाने पड़ेंगे | ऊंट के खून से बना एकमात्र इंजेक्शन आपको सांप के जानलेवा जहर से बचा सकता है |

बीकानेर के राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र में ऊंटनी के दूध से कई तरह की बीमारियों के इलाज से जुड़े रिसर्च सामने आ चुके हैं लेकिन इस बीच एक और नया रिसर्च सामने आया है कि ऊंट का खून इंसान की जिंदगी बचाएगा | राजस्थान के घोषित राज्य पशु ऊंट के खून में पाई जाने वाली मजबूत एंटीबॉडीज से बना इंजेक्शन आने वाले समय में वाइपर जैसे जहरीले सांप के जहर का विकल्प बनने वाला है | उष्ट्र अनुसन्धान केंद्र व बीकानेर के एसपी मेडिकल कालेज ने अपने अनुसंधान में ऐसे दावे किए हैं |

सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ आरपी अग्रवाल की मानें तो सांप के जहर से बचने के लिए अब तक पॉलिवेलेंट वैक्सिन ही उपलब्ध हैं | यह वैक्सिन रेगिस्तान के जहरीले सांप वाइपर (बांडी) के जहर से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है | इसी बात को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज ने उष्ट्र अनुसन्धान केंद्र के साथ मिलकर ऊंट की मजबूत एंटीबॉडीज पर प्रयोग करना शुरू किया और वहां के डॉक्टर्स को इसमें बड़ी सफलता हाथ लगी है |

डॉ. आरपी अग्रवाल का कहना है कि ऊंट के खून में अन्य जीवों की अपेक्षा मजबूत एंटीबॉडीज पाई जाती हैं | ऐसे में रिसर्च करने वालों का ध्यान घोड़े के बाद ऊंट पर गया है | उन्होंने बताया कि ऊंट के खून से इस सिंगल बॉडी वैक्सिन को बनाने की चार में से तीन प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं | अब ड्रग कंट्रोलर से अनुमति मिलने के बाद इस इंजेक्शन को प्रयोग किया जाएगा | इससे पहले राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र ने ऊंटनी के दूध से डायबिटीज के इलाज पर सफल शोध किया था |

गौरतलब है कि रेगिस्तान जिस तरह से रेगिस्तान के जहाज कहे जानेवाले ऊंटों के लिए जाना जाता है | उसी तरह से रेगिस्तान के जहरीले सांप भी यहां कुख्यात हैं | इनके काटने से आए दिन लोगों की मौत होती है | ऐसे में ऊंट के खून से बनने वाले वैक्सिन लोगों के लिए संजीवनी का काम कर सकते हैं |

स्त्रोत: आजतक

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