कृषि में नवाचार के लिठपूरे à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अपनी साख बना चà¥à¤•े राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में अब कृषि विà¤à¤¾à¤— à¤à¤• और नवाचार करते हà¥à¤ à¤à¤—à¥à¤°à¥‹ टूरिजà¥à¤® को बढ़ावा देने को लेकर तेज़ी से अपने कदम बढ़ा रहा है.
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जैसलमेर जिले में सगà¥à¤°à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤•ा में खजूर के सेंटर ऑफ à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤²à¥‡à¤‚स में टेंट लगाकर सैलानियों को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ किठजाने के सफल पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— के बाद अब कृषि विà¤à¤¾à¤— टोंक व माउंट आबू में अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° के तीन अलग-अलग à¤à¤—à¥à¤°à¥‹ टूरिजà¥à¤® सेंटर विकसित करने जा रहा है. कृषि में नवाचार के लिठराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° के पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार से नवाज़े गठपà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के कृषि विà¤à¤¾à¤— ने वरà¥à¤· 2022 तक किसानों की आय दोगà¥à¤¨à¥€ करने के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी के सपना को ज़मीनी हक़ीक़त में बदलने के लिठतेजी से काम शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है.
कृषि मंतà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤à¥à¤²à¤¾à¤² सैनी की मानें तो इसको लेकर विदेश की तरà¥à¤œ पर पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में à¤à¥€ à¤à¤—à¥à¤°à¥‹ टूरिजà¥à¤® को बढ़ावा दिठजाने को लेकर तैयार की गई कारà¥à¤¯ योजना पर अब तेज़ी से काम शà¥à¤°à¥‚ कर दिया गया है. जैसलमेर के सगà¥à¤°à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤•ा के बालà¥à¤ˆ टीलों के बीच विकसित किठगठख़जूर के सेंटर ऑफ à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤²à¥‡à¤‚स में लगाठगठतंबà¥à¤“ं में देशी-विदेशी परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ रूचि दिखाठजाने के बाद अब टोंक जिले के देवड़ावास व थडोली में दो अलग à¤à¤—à¥à¤°à¥‹ टूरिजà¥à¤® सेंटरों को विकसित किठजाने की कवायद तेज़ कर दी गई है.
ख़ासतौर से बीसलपà¥à¤° बांध के किनारे बसे थडोली में सà¥à¤ªà¤¾à¤°à¥€ व नारीयल के सेंटर ऑफ à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤²à¥‡à¤‚स में विकसित किठजाने वाले à¤à¤—à¥à¤°à¥‹ टूरिजà¥à¤® सेंटर को गोवा की तरà¥à¤œ पर विकसित किठजाने की योजना तैयार कर ली गई है.
मंतà¥à¤°à¥€ सैनी कहते हैं कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• उमà¥à¤®à¥€à¤¦ माउंट आबू में फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤•लà¥à¤šà¤° को लेकर तैयार किठजाने वाले सेंटर ऑफ à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤²à¥‡à¤‚स के बीच विकसित किठजाने वाले à¤à¤—à¥à¤°à¥‹ टूरिजà¥à¤® सेंटर से है . मंतà¥à¤°à¥€ सैनी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यहां परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों को लà¥à¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठअकेले ऑरà¥à¤•िड किसà¥à¤® के फूल की 150 विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ किसà¥à¤®à¥‹à¤‚ के अलावा अनà¥à¤¯ कई विदेशी पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को फूलों की उनà¥à¤¨à¤¤ किसà¥à¤®à¥‡à¤‚ कà¥à¤› ही दिनों बाद खिली नज़र आने लगेंगी.
कृषि मंतà¥à¤°à¥€ सैनी यह à¤à¥€ बताते हैं कि इनके अलावा à¤à¥€ राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के बूंदी, à¤à¤¾à¤²à¤¾à¤µà¤¾à¤¡à¤¼, सवाई माधोपà¥à¤°, धौलपà¥à¤°, कोटा व बसà¥à¤¸à¥€ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सेंटर ऑफ à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤²à¥‡à¤‚स में à¤à¤—à¥à¤°à¥‹ टूरिजà¥à¤® को विकसित किठजाने की वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ मौजूद हैं.
सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤: नà¥à¤¯à¥‚ज़18
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