जवाहर कला केंदà¥à¤° के शिलà¥à¤ªà¤—à¥à¤°à¤¾à¤® में चल रहे जयपà¥à¤° कला महोतà¥à¤¸à¤µ में पिलर आॅफ यूनिटी दरà¥à¤¶à¤•ों के बीच छाया रहा।
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जवाहर कला केंदà¥à¤° के शिलà¥à¤ªà¤—à¥à¤°à¤¾à¤® में चल रहे जयपà¥à¤° कला महोतà¥à¤¸à¤µ में पिलर आॅफ यूनिटी दरà¥à¤¶à¤•ों के बीच छाया रहा। हालांकि जयपà¥à¤° कला महोतà¥à¤¸à¤µ 21 जनवरी से शà¥à¤°à¥‚ हो रहा है लेकिन पेपर और आयरन के कॉमà¥à¤¬à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ से बनी 8.5 फà¥à¤Ÿ उंची पिलरनà¥à¤®à¤¾ यह कृति अà¤à¥€ से हॉट फेवरेट बनी हà¥à¤ˆ है। यह कलाकृति बनाई है जमà¥à¤®à¥‚ के वरूण कà¥à¤®à¤¾à¤° ने जो पिछले चार साल से जयपà¥à¤° के सà¥à¤•ूल आॅफ आरà¥à¤Ÿ में सà¥à¤•लà¥à¤ªà¤šà¤° की फैकलà¥à¤Ÿà¥€ के रूप में कारà¥à¤¯ कर रहे हैं। परिसर में à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ लेने के बाद डूंगरपà¥à¤° हट के पास इसे सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया गया है। इस पिलर के चारों ओर जाति और धरà¥à¤® विहीन 16 चेहरे लगाठगठहैं जो à¤à¤• दूसरे को कनेकà¥à¤Ÿ à¤à¥€ करते दिखाई देते हैं। साढ़े आठफà¥à¤Ÿ उंचा यह पिलर यहां आने वाले को जाति और धरà¥à¤® विहीन समाज का संदेश देता पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होता है।
वरूण का कहना है कि आज के समय में धरà¥à¤® और जाति विहीन समाज की रचना सबसे बड़ी आवशà¥à¤¯à¤•ता है। इस à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इस पिलर का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ किया है। इस पिलर के लिठपहले आयरन का फà¥à¤°à¥‡à¤® तैयार कर उनके उपर कà¥à¤²à¥‡ परत तैयरर करके उस पर पीओपी किया। अंत में हरे कागज की परत तैयार कर आयरन के इस फà¥à¤°à¥‡à¤® को पिलर का रूप दिया गया है। इसमें लगे चेहरे à¤à¥€ कà¥à¤²à¥‡, पीओपी और कागज की परत से तैयार किठगठहैं।
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