नए पार्किंग-वे की बदौलत दिल्ली एयरपोर्ट का विकल्प बनेगा जयपुर

मौसम खराब होने की स्थिति में दिल्ली एयरपोर्ट से ज्यादातर फ्लाइट्स को जयपुर में डायवर्ट किया जाता है इसलिए जयपुर एयरपोर्ट को दिल्ली का वैकल्पिक एयरपोर्ट बनाए जाने की कवायद जोरों पर है।

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इन दिनों एयरपोर्ट पर इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट से जुड़े कई कार्य जोरों पर हैं। एयरपोर्ट की बिल्डिंग में मॉडिफिकेशन का कार्य शुरू हो चुका है। वहीं रनवे के समानांतर टैक्सी ट्रैक बनाया जा रहा है। वहीं अब विमानों को अधिक संख्या में पार्क किया जा सके, इसके लिए नए पार्किंग-वे बनाने का काम शुरू किया जा रहा है।

जयपुर एयरपोर्ट को दिल्ली का वैकल्पिक एयरपोर्ट बनाए जाने की कवायद जोरों पर है। इसलिए एयरपोर्ट पर इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक अत्यधिक होता है। मौसम खराब होने की स्थिति में सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जयपुर ही है। इसलिए ज्यादातर फ्लाइट्स को जयपुर में डायवर्ट किया जाता है, लेकिन कई बार यहां बुनियादी सुविधाएं नहीं होने से विमानों को अहमदाबाद या अमृतसर एयरपोर्ट के लिए डायवर्ट किया जाता है। इससे डायवर्ट किए जाने वाले विमानों का फ्यूल अधिक खर्च होता है और समय भी अधिक लगता है।

दरअसल अभी तक जयपुर एयरपोर्ट पर ई-एयरक्राफ्ट कैटेगरी के पार्किंग-वे की संख्या बहुत कम है। फिलहाल एक साथ ऐसे तीन एयरक्राफ्ट को ही हैंडल किया जा सकता है। इस समस्या को दूर करने के लिए अब ई-एयरक्राफ्ट कैटेगरी के सात नए पार्किंग-वे बनाए जाएंगे। इसके अलावा सामान्य जेट विमानों के लिए भी 19 नए पार्किंग-वे बनाए जाने का काम शुरू हो रहा है।

जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन ने 26 नए पार्किंग-वे बनाने के लिए एक निजी कंपनी को कार्य आदेश जारी कर दिया है और अगले एक साल में इन सभी पार्किंग-वे का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • अभी 19 पार्किंग-वे हैं जयपुर एयरपोर्ट पर
  • अब 26 नए पार्किंग-वे बनाए जाएंगे
  • 19 पार्किंग-वे टैंगो टैक्सी पर बनाए जाएंगे
  • रनवे से स्टेट हैंगर को जोड़ने वाली टैंगो टैक्सी
  • ये 19 पार्किंग-वे कैटेगरी सी साइज के बनेंगे
  • एयरबस 320 या बोइंग 737 विमान पार्क हो सकेंगे
  • 7 पार्किंग-वे एटीसी टॉवर से आगे बनाए जाएंगे
  • ये कैटेगरी-ई साइज यानी जम्बो जेट विमानों के लिए बनेंगे
  • बड़े बोइंग 777, 747 या 787 विमान होते हैं ई-साइज
  • इस तरह कुल 45 विमानों की पार्किंग हो सकेगी जयपुर में

एयरपोर्ट पर नए पार्किंग-वे बनाने की जरूरत इसलिए भी है क्योंकि 3 साल पहले जब जयपुर एयरपोर्ट पर 25 फ्लाइट संचालित हो रही थीं तब यहां पर 24 पार्किंग-वे थे। इसके बाद रनवे विस्तार की प्रक्रिया में आने से 5 पार्किंग-वे खत्म हो गए। अब जबकि वर्तमान में जयपुर एयरपोर्ट से 69 फ्लाइट संचालित हो रही हैं तब मात्र 19 पार्किंग-वे ही बचे हैं। कई बार एक साथ 7 से 8 विमान पार्किंग-वे में खड़े होते हैं। ऐसे में दिल्ली से डायवर्ट होने वाले विमानों के लिए पार्किंग-वे ही नहीं बचते हैं और विमानों को अहमदाबाद या अमृतसर डायवर्ट किया जाता है। इसलिए जरूरत इस बात की है कि इन पार्किंग-वे का निर्माण जल्द से जल्द पूरा किया जाए। वहीं बड़े विमानों के लिए सात पार्किंग-वे बनने पर जयपुर से इंटरनेशनल फ्लाइट्स का मूवमेंट बढ़ाने में आसानी रहेगी और दिल्ली से डायवर्ट होने वाले विमानों को अहमदाबाद भेजने की जरूरत भी नहीं रहेगी।

स्त्रोत: भास्कर

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