राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह: जानें यातायात के मुख्य नियमों के बारे में

राजस्थान पुलिस द्वारा राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह चलाया जा रहा है। यह जागरूकता कार्यक्रम 4 फरवरी से 10 फरवरी तक आयोजित होगा।

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राजस्थान पुलिस द्वारा राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह चलाया जा रहा है। यह जागरूकता कार्यक्रम 4 फरवरी से 10 फरवरी तक आयोजित होगा। इस दौरान सभी छोटे-बड़े शहरों और गांव-कस्बों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित कर यातायात के नियमों के बारे में समझाया जा रहा है। इस खास लेख में हम सड़क और यातायात के और नियमों के बारे में जानेंगे।

रोड सिग्नल :-

सड़क पर चलने के लिए सड़क की अपनी भाषा होती है। जिसे रोड सिग्नल कहते हैं। ये सड़क की मूक भाषा होती है। जिसकी सम्पूर्ण जानकारी प्रत्येक वाहन चालक होना अनिवार्य है। रोड सिग्नल के भी 3 प्रकार होते हैं।

1. ड्राइवर द्वारा हाथ से दिए जाने वाले सिग्नल

वाहन धीमा करने के लिए ड्राइवर बाहर हाथ निकल कर इशारा देता है। जिसे दूसरे चालकों द्वारा समझ लिया जाता है।

वाहन को बांये घूमने के लिए बायीं तरफ हाथ का इशारा किया जाता है।

दांये घूमने के लिए दांयी तरफ हाथ का इशारा किया जाता है।

रुकने के लिए हाथ से रुकने का इशारा किया जाता है।

ओवरटेक करने के लिए हाथ से आगे जाने का इशारा किया जाता है।

2. ट्रैफ़िक पुलिस द्वारा दिए जाने वाले सिग्नल

एक ओर से यातायात को रवाना करने के लिए ट्रैफ़िक पुलिस वाला व्यक्ति हाथ से उस ओर इशारा करता हैं।

सामने से आ रहे वाहनों को रोकने के लिए सामने हाथ से रुकने का इशारा किया जाता है।

पीछे से आ रहे वाहनों को रोकने के लिए पीछे हाथ से रुकने का इशारा किया जाता है।

पीछे और सामने से आ रहे वाहनों को एक साथ रोकने के लिए दोनों हाथो से एक साथ इशारा किया जाता है।

दांयी तरफ से आ रहे वाहनों को रोकने तथा बांयी तरफ से आ रहे वाहनों को मोड़ने के लिए दांये हाथ से रुकने व बाएं हाथ को मोड़ कर मुड़ने का इशारा किया जाता है।

सभी दिशाओं से आ रहे वाहनों को रोकने के लिए दोनों हाथों को ऊपर खड़ा कर रुकने का इशारा किया जाता है।

बांयी तरफ के यातायात को चालू करने के लिए बांये हाथ के चलने का इशारा किया जाता है।

दांयी तरफ के यातायात को चालू करने के लिए दांयी हाथ के चलने का इशारा किया जाता है।

सिग्नल बदलने के लिए दोनों हाथों को कोहनियों से मोड़कर इशारा किया जाता है।

तिराहे के यातायात को चालू करने के लिए एक हाथ को सामने और दूसरे हाथ को बगल में करके चलने का इशारा किया जाता है।

3. ट्रैफ़िक लाईट द्वारा दिए जाने वाले सिग्नल

ये सामान्यतः चौराहों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए लगायी जाती है। सभी को ट्रैफ़िक लाईट के अनरूप ही वाहन चलाने चाहिए। वाहन चालाक को जिस ओर जाना है, उस दिशा में सामने वाली ट्रैफ़िक लाईट का पालन करना चाहिए।

लाल लाइट का मतलब होता है, अपने वाहन को स्टॉप लाइन से पहले रोकें व पदयात्रियों को सुरक्षित जाने दें।

पीली लाइट का मतलब होता है, सचेत होना। अगर वाहन ने अपनी ओर की स्टॉप लाइन, पीली लाईट होने से पहले पार कर ली तो ही दूसरी ओर रास्ता पार करें वरना स्टॉप लाइन पर रुक जायें।

हरी लाइट का मतबल होता है, सावधानी पूर्वक आगे बढ़ें और अगर रास्ते में कोई पदयात्री हो तो पहले उसे जाने दें।

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