मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के चौथे चरण का शुभारंभ

मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तीन चरणों में 12 हजार 56 गांवों में 3 लाख 80 हजार से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण हुआ है।

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मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के चौथे चरण की शुरुआत मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने अपने कर कमलों से की। बुधवार को राज्य कृषि प्रबंध संस्थान में राजे बुधवार को राज्य कृषि प्रबंध संस्थान में राजे ने अभियान के तीनों चरणों की सफलता के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारियों, समाजसेवी संस्थाओं, संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह एक मात्र ऐसा अभियान है जिसे आमजन ने अपनी भागीदारी से इस ऊंचाई तक पहुंचाया है। 

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अभियान के तीन चरणों में 12 हजार 56 गांवों में 3 लाख 80 हजार से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण हुआ है जिनमें से अधिकतर जल से लबालब हैं। चौथे चरण में करीब 4 हजार गांवों में जल संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इस अभियान में शामिल गांवों में औसतन 4.66 फीट भूजल स्तर बढ़ गया है, 63 प्रतिशत हैंडपम्प में दोबारा पानी आ गया है, 20 प्रतिशत ट्यूबवैल दोबारा एक्टिव हो गए हैं। साथ ही टैंकर आपूर्ति में करीब 56 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान से जल क्रांति ही नहीं, वन क्रांति को भी जोड़ा गया। प्रदेशभर में लगाए गए डेढ़ करोड़ पौधों से हरियाली फैल रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान की सफलता ने जल की दृष्टि से राजस्थान की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि जो राजस्थान कल तक सूखे प्रदेश के रूप जाना जाता था आज वह पूरी दुनिया में जल संचय की मिसाल बन गया है। आने वाले समय में इस अभियान से राजस्थान की तकदीर बदल जाएगी। साथ ही जल स्वावलम्बन अभियान को अन्य प्रदेशों में लागू करने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सिफारिश भी की है।

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