बरà¥à¤¡ विलेज के नाम से मशहूर हà¥à¤ मेनार के जलाशयों पर विदेशी मेहमान परिंदों का आना शà¥à¤°à¥‚ हो गया है। धंड तालाब पर फिलहाल 600 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गà¥à¤°à¥‡ लेग गूज आठहैं।
Scroll down for more.!
हर दूसरे दिन कोई न कोई नई पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ आमद दरà¥à¤œ करवा रही है। खास बात यह कि इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ कम नहीं है। धंड तालाब पर फिलहाल गà¥à¤°à¥‡ लेग गूज आठहैं। यहां 600 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गूज हैं, जो करीब छह हजार किलोमीटर की दूरी तय कर पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸ के लिठआठहैं। शनिवार की शाम धणà¥à¤¡ तालाब पर डूबते सूरज और à¤à¥à¤‚ड में उतरते पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ पकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का नजारा दिलकश था।
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पकà¥à¤·à¥€ पहले ही पहà¥à¤‚च चà¥à¤•े हैं। जैसे जैसे सरà¥à¤¦à¥€ पड़ेगी इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ में इजाफा होगा, फरवरी के अंत तक इनका बसरा रहेगा। मेनार के दोनों तालाब पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤µà¤°à¥à¤· करीब 150 पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के देशी विदेशी मेहमान परिंदा डेरा डालते हैं । मेनार के धणà¥à¤¡ तालाब à¤à¤µà¤®à¥ बà¥à¤°à¤¹à¥à¤® सागर à¤à¤µà¤®à¥ इसके आस पास कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के इलाकों में कà¥à¤› देशी और विदेशी पकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का कलरव बरबस ही लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। हालांकि अà¤à¥€ आने वाले पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ पकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दौर में है, लेकिन विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• अब जैसे-जैसे सरà¥à¤¦à¥€ बढ़ेगी, वैसे वैसे इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ में इजाफा होने लगेगा ।
गà¥à¤°à¥‡ लेग गूज के बारे में...
सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤: पतà¥à¤°à¤¿à¤•ा
Tags
See Also
News

सुर्खियां
