दुर्योधन तथा कर्ण के बीच दिखी नि:स्वार्थ तथा निश्छल मित्रता

यह सब घटित हुआ फेलिसिटी थिएटर की ओर से प्रस्तुत 'महाभारत' के नाटय मंचन में। यहां पुनित इस्सर ने 31 साल बाद फिर से अपने उसी अंदाज और सशक्त अभिनय से महाभारत युग की याद दिलाई।

Scroll down for more.!

बिड़ला आॅडिटोरियम एक बार फिर दुर्योधन और दुष्साशन की कुटील हंसी से गुंज उठा। भीम और दुर्योधन की गदा टकराने के साथ यहां दुर्योधन एवं सूर्य पुत्र कर्ण की नि:स्वार्थ तथा निश्छल मित्रता भी देखने को मिली। यह सब घटित हुआ फेलिसिटी थिएटर की ओर से प्रस्तुत 'महाभारत' के नाटय मंचन में। यहां पुनित इस्सर ने 31 साल बाद फिर से अपने उसी अंदाज और सशक्त अभिनय से महाभारत युग की याद दिलाई। शकुनी मामा बने गुफी पेंटल का जाना पहचाना किरदार सभी के मन में पुरानी महाभारत का किरदार फिर से जीवंत कर उठा। यहां पितामह भीष्म दुर्योधन को अहंकार व ईष्र्या त्यागने की सलाह भी देते हैं। मामा शकुनी द्वारा बिछाया गया चौसर का जाल, द्रौपती का स्वयंवर, दुर्योधन एवं भीम का द्वंद्व सरीखे कई ऐसे दृश्य रोमांचित करने वाले हैं।

'स्वयं करो संघर्ष जगत में नारी यह सिखलाएगी...' और 'कौन पूछता रंग पानी का जाति वे लड़ते हैं...लाज नहीं आती है आपको जात पूछने वाले' जैसे दमदार व रोचक संवादों ने दर्शकों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। एक्टर पुनित इस्सर के निर्देशन में रचा गए इस नाटक के दो शो आयोजित हुए थे लेकिन किन्हीं कारणों से एक ही शो हो सका।

इस नाटक में पुनित इस्सर के साथ गूफी पेंटल, सिद्वांत इस्सर, उर्वशी ढोलकिया, राहुल भूचर, मेघना मलिक, सुरेंद्र पाल, आरती नागपाल, विजेता भारद्वाज, दानिश अख्तर, यशोधन राणा, करण शर्मा व रक्षित भूचर सहित टीवी के कई सितारों ने अपने संवाद और अभिनय से कला प्रेमियों को अचंभित कर दिया।

Tags

See Also