नव निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ किशनगढ़ हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ के सौंदरà¥à¤¯à¥€à¤•रण के लिठबणी-ठणी व सूफी कला का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ
Scroll down for more.!
अजमेर: लंबे इंतजार के बाद किशनगढ़ हवाई अडà¥à¤¡à¤¾ अपने निरà¥à¤®à¤¾à¤£ कारà¥à¤¯ के अंतिम चरण पर हैं, और अब इसके सौंदरà¥à¤¯à¥€à¤•रण के लिठयोजनाà¤à¤‚ बने जा रही हैं|
सौनà¥à¤¦à¤°à¥à¤¯à¤•रण के लिठसरà¥à¤µà¤ªà¥à¤°à¤¥à¤® चà¥à¤¨à¤¾à¤µ किशनगढ़ शैली के पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ बणी-ठणी चितà¥à¤°à¥‹à¤‚ का हà¥à¤† हैं| à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ विधायक à¤à¤—ीरथ चौधरी ने कहा कि किशनगढ़ बणी-ठणी कला के लिठजाना जाता है जो à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ है। à¤à¤¸à¥‡ में विमान से उतरने वाले यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सà¥à¤µà¤¾à¤—त अगर इस कला से किया जाठतो यह इस हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ को à¤à¤• विशेष पहचान देगा| साथ ही साथ à¤à¤¸à¤¾ करने से इस कला को अधिक à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‹à¥›à¤° à¤à¥€ मिलेगा|
बणी-ठणी के अतिरिकà¥à¤¤ हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ पर सूफी कला के कà¥à¤› दृशà¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚बित करने का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ रखा गया हैं| गौरतलब हैं की यहाठआने वाले अधिकांश देशी व विदेशी परà¥à¤¯à¤Ÿà¤• अजमेर दरगाह में इबादत करने आते हैं| à¤à¤¸à¥‡ में सूफी कला से हà¥à¤ˆ सजावट का महतà¥à¤µ बà¥à¤¤à¤¾ हैं| परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से पà¥à¤·à¥à¤•र और अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पशॠमेले की तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करने का सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया गया हैं।
अंतिम पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सूचना के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ पर 1 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ से नई दिलà¥à¤²à¥€ तक दैनिक हवाई उड़ान शà¥à¤°à¥‚ कà¥à¤° दी जाà¤à¤—ी व अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नागरिक विमानन संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ कनाडा से अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ कोड मिलने के बाद अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ उड़ानों के लिठà¤à¥€ ये हवाई अडà¥à¤¡à¤¾ à¤à¤• वरदान साबित होगा|
See Also
News

सुर्खियां
