राजस्थान के रणथंबोर रिजर्व में मिले प्रारंभिक ऐतिहासिक चित्र

रणथंबोर टाइगर रिजर्व में प्रागैतिहासिक गुफा चित्र खोजे गये

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सवाई माधोपुर: à¤°à¤¾à¤œà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤¨ के रणथंबोर टाइगर रिजर्व के केलादेवी जंगलों में पहली बार लगभग 2,000 वर्ष पुरानी गुफा चित्र खोजे गये हैं| ये चित्र सैंकड़ो की तादाद में विंध्य पर्वत श्रृंखला पर करीब 150 किमी तक फैले हैं जो इस बात की तरफ इशारा करते हैं की इस पूरी श्रृंखला पर प्रागैतिहासिक आदिवासी रहा करते थे|

यहाँ के कंज़रवेशन बायोलॉजिस्ट धर्मेन्द्र खाण्डल ने बताया की उन्हें अब तक आरटीआर में ऐसे चित्रों की उपस्थिति की अनुभूति नहीं थी| उन्हें इन चित्रों की जानकारी आसपास के गाँवों के रहवासी व सीसीएफ वन्यजीव स्वयंसेवकों द्वारा मिली|

चित्रों के वर्णन में उन्होंने कहा की “ये शुरुआती ऐतिहासिक युग के हैं और कैलादेवी रेंज में स्थित सांक्र गांव में स्थित हैं| इस जगह को पहले श्रीनाथपुरा भी कहा जाता था। स्थानीय बोली में इन पेंटिंग्स को 'गुर्जरी के चापी' के नाम से जाना जाता है और ये 2,000 साल से भी अधिक पुराने हैं।”

गौरतलब है की, क्षेत्र में चट्टानों पर बनी सभी चित्र वन्य जीवन से जुड़े हुए है। अनुमान लगाया जा रहा है की ये चित्र प्रारंभिक ऐतिहासिक समय में बच्चों को शिक्षित करने के लिए बनाए गये थे।

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