जनाना असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° से सारणेशà¥à¤µà¤° मानव सेवा समिति की पहल
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शहर के जनाना असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° से सारणेशà¥à¤µà¤° मानव सेवा समिति की ओर से संचालित केनà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ में अब मरीजों के परिजनों को 20 रà¥à¤ªà¤ में à¤à¤°à¤ªà¥‡à¤Ÿ खाना मिलेगा। अब परिजनों को बाहर किसी ढाबे या रेसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤‚ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ के लिठà¤à¤Ÿà¤•ना नहीं पड़ेगा। सेवा समिति ने रसोई की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ 1 अगसà¥à¤¤ 2016 को की थी। इसमें मरीज तथा उसके साथ आने वाले à¤à¤• मरीज को फà¥à¤°à¥€ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ दिया जाता था, लेकिन गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° से मरीज के साथ आने वाले अनà¥à¤¯ परिजनों को à¤à¥€ 20 रà¥à¤ªà¤ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ दिया जाà¤à¤—ा। चिकितà¥à¤¸à¤¾à¤²à¤¯ की धरà¥à¤®à¤¶à¤¾à¤²à¤¾ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ पचास लोगों को खाना खिलाया जाता है। रसोई संचालन की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ सेवा समिति करती है। समिति पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कांतिलाल माली ने बताया कि à¤à¥‹à¤œà¤¨ की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के लोगों के सहयोग से चलती है। कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लोग हैं जो बिना नाम बताठइसमें सहयोग कर रहे हैं।
सवेरे से रात तक वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
रसोई में सवेरे पांच से रात आठबजे तक पांच रà¥à¤ªà¤ में चाय, सवेरे साढ़े छह बजे से आठबजे तक नासà¥à¤¤à¤¾ मिलेगा जिसमें वड़ा पाव या पोहा, इसके बाद 20 रà¥à¤ªà¤ में खाना मिलेगा। इसके साथ टोसà¥à¤Ÿ, बà¥à¤°à¥‡à¤¡, बिसà¥à¤•à¥à¤Ÿ, कॉफी, दूध व पानी की बोतल à¤à¥€ मिलेगी। रसोई के मेनà¥à¤¯à¥‚ में सबà¥à¤œà¥€, दाल, खिचड़ी, कढ़ी, अचार शामिल हैं। यहां पर à¤à¥‹à¤œà¤¨ पैक करने की à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ है।
समिति की ओर से मरीजों के परिजनों को बीस रà¥à¤ªà¤ में खाना मिलने से राहत रहेगी तथा उनको à¤à¤Ÿà¤•ना नहीं पड़ेगा।
डॉ. दरà¥à¤¶à¤¨ गà¥à¤°à¥‹à¤µà¤°, पीà¤à¤®à¤“ सरकारी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² सिरोही
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