पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन, शोक की लहर

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायपेयी का निधन हो गया है। वह 93 वर्ष के थे। उन्होंने शाम 5 बजकर 5 मिनिट पर दिल्ली के एम्स अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली।

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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायपेयी का आज निधन हो गया है। उन्होंने शाम 5 बजकर 5 मिनिट पर दिल्ली के एम्स अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। वह 93 वर्ष के थे। अटलजी पिछले 9 हफ्तों से एम्स में भर्ती थे। वाजपेयी शुगर से पीड़ित थे और उनकी केवल एक ही किडनी काम कर रही थी। उन्हें 11 जून को उन्हें किडनी, नली में संक्रमण, सीने में जकड़न और पेशाब की नली में संक्रमण होने के चलते एम्स में भर्ती कराया गया था। देश के 10वें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करने वाले वाजपेयी बीजेपी के साथ विपक्ष के भी पसंदीदा नेता रहे हैं। वे तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने।


अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में मध्यमवर्गीय ब्राह्म परिवार में कृष्णा देवी और कृष्ण बिहारी वाजपेयी के घर हुआ था। उनके पिता एक कवि होने के साथ ही स्कूल में शिक्षक थे। अटल बिहारी वाजपेयी आजीवन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रतिष्ठित नेता रहे और उन्हें सांस्कृतिक समभाव, उदारवाद और राजनीतिक तर्कसंगतता के लिए जाना जाता है। उनके कार्यकाल में ही भारत ने पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण किया। नई दिल्ली-लाहौर बस सेवा शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच शांति की उम्मीदों को नया आयाम दिया। अटलजी एक अनुभवी राजनीतिज्ञ और उत्कृष्ट सांसद होने के अलावा एक प्रसिद्ध कवि और लेखक भी थे। उन्होंने राष्ट्रधर्म हिंदी मासिक, पांचजन्य हिंदी साप्ताहिक और दैनिक स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे दैनिक अखबारों के लिए भी काम किया था। वाजपेयी ने पूरी जिंदगी अविवाहित रहने का प्रण लिया था और रहे भी। अटल बिहारी वायपेयी को वर्ष 1992 में पद्म भूषण और 2015 में देश के सर्वोच्य सम्मान भारत रत्न से नवाजा जा चुका है। उनके जन्मदिन 25 दिसंबर को ‘सुशासन दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है।

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