पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ अटल बिहारी वायपेयी का निधन हो गया है। वह 93 वरà¥à¤· के थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने शाम 5 बजकर 5 मिनिट पर दिलà¥à¤²à¥€ के à¤à¤®à¥à¤¸ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में अपनी अंतिम सांस ली।
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पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ अटल बिहारी वायपेयी का आज निधन हो गया है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने शाम 5 बजकर 5 मिनिट पर दिलà¥à¤²à¥€ के à¤à¤®à¥à¤¸ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में अपनी अंतिम सांस ली। वह 93 वरà¥à¤· के थे। अटलजी पिछले 9 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से à¤à¤®à¥à¤¸ में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ थे। वाजपेयी शà¥à¤—र से पीड़ित थे और उनकी केवल à¤à¤• ही किडनी काम कर रही थी। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 11 जून को उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किडनी, नली में संकà¥à¤°à¤®à¤£, सीने में जकड़न और पेशाब की नली में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने के चलते à¤à¤®à¥à¤¸ में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ कराया गया था। देश के 10वें पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ के तौर पर शपथ गà¥à¤°à¤¹à¤£ करने वाले वाजपेयी बीजेपी के साथ विपकà¥à¤· के à¤à¥€ पसंदीदा नेता रहे हैं। वे तीन बार à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ बने।
पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन देश के लिठअपूरणीय कà¥à¤·à¤¤à¤¿ है। यह मेरे लिठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤— दà¥à¤– की घड़ी है, जिसे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में बयां कर पाना संà¤à¤µ नहीं है। अटल जी मेरे लिठपिता तà¥à¤²à¥à¤¯ थे, मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤• थे। मà¥à¤à¥‡ उनका सानà¥à¤¨à¤¿à¤§à¥à¤¯ मिला, ये मेरा सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ है।#AtalBihariVajpayee pic.twitter.com/6zgyU9voH1
— Vasundhara Raje (@VasundharaBJP) August 16, 2018
अटल बिहारी वाजपेयी का जनà¥à¤® गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° (मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶) में मधà¥à¤¯à¤®à¤µà¤°à¥à¤—ीय बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤® परिवार में कृषà¥à¤£à¤¾ देवी और कृषà¥à¤£ बिहारी वाजपेयी के घर हà¥à¤† था। उनके पिता à¤à¤• कवि होने के साथ ही सà¥à¤•ूल में शिकà¥à¤·à¤• थे। अटल बिहारी वाजपेयी आजीवन à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनता पारà¥à¤Ÿà¥€ (à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾) के à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित नेता रहे और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सांसà¥à¤•ृतिक समà¤à¤¾à¤µ, उदारवाद और राजनीतिक तरà¥à¤•संगतता के लिठजाना जाता है। उनके कारà¥à¤¯à¤•ाल में ही à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने पोखरण में सफल परमाणॠपरीकà¥à¤·à¤£ किया। नई दिलà¥à¤²à¥€-लाहौर बस सेवा शà¥à¤°à¥‚ करने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤•र उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤-पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के बीच शांति की उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‹à¤‚ को नया आयाम दिया। अटलजी à¤à¤• अनà¥à¤à¤µà¥€ राजनीतिजà¥à¤ž और उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ सांसद होने के अलावा à¤à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ कवि और लेखक à¤à¥€ थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤§à¤°à¥à¤® हिंदी मासिक, पांचजनà¥à¤¯ हिंदी सापà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤¿à¤• और दैनिक सà¥à¤µà¤¦à¥‡à¤¶ और वीर अरà¥à¤œà¥à¤¨ जैसे दैनिक अखबारों के लिठà¤à¥€ काम किया था। वाजपेयी ने पूरी जिंदगी अविवाहित रहने का पà¥à¤°à¤£ लिया था और रहे à¤à¥€à¥¤ अटल बिहारी वायपेयी को वरà¥à¤· 1992 में पदà¥à¤® à¤à¥‚षण और 2015 में देश के सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤¯ समà¥à¤®à¤¾à¤¨ à¤à¤¾à¤°à¤¤ रतà¥à¤¨ से नवाजा जा चà¥à¤•ा है। उनके जनà¥à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ 25 दिसंबर को ‘सà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है।
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