उदयपुर में चार बहुओं ने दिखाया दशरथ मांझी जैसा दम

Jagran Mar 27, 2017, 07:15 IST Mohit Tanwar

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उदयपुर। बिहार के दशरथ मांझी ने अपनी पत्नी के लिए पहाड़ को चीरकर रास्ता बना दिया था। ऐसा ही कुछ उदयपुर के एक गांव में हुआ है। यहां एक परिवार की चार बहुओं ने पानी की समस्या को खत्म करने के लिए 40 फीट गहरा और 20 फीट चौड़ा कुआं खोद दिया। सबसे बड़ी बात यह है कि कुआं खोदने के लिए उन्होंने सिर्फ छेनी-हथौड़े का इस्तेमाल किया। इसमें उन्हें तीन साल का वक्त लगा।

घटना लांबाहल्दू गांव की है। इस गांव में अब तक कुआं था ही नहीं। लोग सिर्फ बारिश के पानी पर निर्भर थे। महिलाओं को कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता था। गांव के ही एक परिवार की चार बहुओं ने छेनी-फावड़े से कुआं खोद पानी निकाल लिया।

बहुओं का कहना है कि उनके परिवार की 20 बीघा जमीन है लेकिन पानी न होने की वजह से खेत बंजर पड़े हैं। खेत हैं फिर भी गुजरात जाकर मजदूरी करनी पड़ती है। किसी तरह रबी की फसल हो पाती है। उसमें भी 4 माह में 10 हजार रुपये से ज्यादा आमदनी नहीं होती।

प्रशासन से कई सालों से कुएं की मांग की जा रही थी। एक बार अधिकारी कुएं के लिए जगह देखने आए, लेकिन दिया सिर्फ आश्वासन। सरपंच के सामने भी समस्या रखी, लेकिन नजीता सिफर निकला। इसके बाद चारों बहुओं ने खुद ही कुआं खोदने का संकल्प ले लिया। उन्होंने 20 फीट के दायरे में खुदाई शुरू की। 7 फीट खोदने के बाद पत्थर आने लगे। छेनी- हथौड़ी से पत्थरों को तोड़ना शुरू किया।

बड़ी बहू लाली के अनुसार सुबह 8 बजे खाना बनाने के बाद शाम 6 बजे तक खोदाई करते थे। बारिश में पत्थरों से फिसलने के डर से खोदाई बंद रखते, मौसम साफ होते ही, खोदाई शुरू कर देते। खोदाई तो अभी भी जारी है। साफ पानी आने पर सबसे पहले उदयपुर जाने वाले मार्ग पर राहगीरों के लिए पानी की टंकी बनाएंगे। पहले हमने महीनों तक अकेले ही काम किया। पति मजदूरी कर वापस आने पर मदद करते। 3 साल तक ऐसे ही चला। अब कुएं से पानी निकलने लगा है|

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