वसुधंरा सरकार ने उठाया बड़ा कदम, लिए दो बड़े फैसले

प्रदेश की वसुन्धरा सरकार ने प्रदेश में दो बड़े फैसले लिये हैं। इसके अनुसार प्रदेश सेवाओं में किसी भी स्तर पर एक बार रिजर्वेशन का लाभ लेने के बाद एससी-एसटी और ओबीसी अभ्यर्थी सामान्य वर्ग की श्रेणी से बाहर हो जाएंगे। वहीं दूसरे फैसले के अनुसार प्रदेश में सरकारी सेवा में कार्यरत 50 वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मचारियों को अपनी स्वास्थ्य की जांच करवाना अनिवार्य हो गया है।

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फैसले के अनुसार एक बार आरक्षण का फायदा ले चुके अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी में नियुक्ति के हकदार नहीं होंगे। उन्हें अपनी कैटिगरी में ही नियुक्ति लेनी होगी चाहे उसने टॉप ही क्यों ना किया हो। कार्मिक विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के क्रम में बुधवार को इस संबंध में नया सर्कुलर जारी किया है। इस सकुर्लर की कॉपी हाईकोर्ट, आरपीएससी, लोकायुक्त, रैट सहित अन्य विभागों को भेज दी गई है। हालांकि परीक्षाओं के लिए जमा कराए जाने वाले शुल्क को इसके दायरे में नहीं शामिल किया गया है।

बता दें कि अब तक एससी-एसटी और ओबीसी के अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए पहले आयु में छूट ले लेते थे। फिर प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा में अधिक अंक लाने की स्थिति में सामान्य श्रेणी में आ जाते थे। जिससे सामान्य श्रेणी की सीटें कम हो जाती थी ओर सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों को नुकसान होता था। इससे सामान्य श्रेणी की सीटें कम हो जाती थीं।

वसुन्धरा सरकार के नये सर्कुलर के अनुसार अगर किसी अभ्यर्थी ने आयु, अंक या शारीरिक दक्षता के लिए आरक्षण के तहत छूट ले ली है तो उसके द्वारा अधिक अंक लाने पर भी सामान्य श्रेणी में गिनती नहीं की जाएगी। उसे कट ऑफ लिस्ट में उसकी कैटेगरी में ही शामिल किया जायेगा। वर्तमान में प्रदेश में एसटी को 16% ओबीसी को 21% ओर  à¤à¤¸à¤Ÿà¥€ को  12% का रिर्जवेशन मिल रहा है।

50 साल पूरे किए तो करानी होगी स्वास्थ्य जांच अनफिट पाये तो हो सकती है नौकरी से छुट्टी

प्रदेश में सरकारी सेवा में कार्यरत 50 वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मचारियों को अपनी स्वास्थ्य जांच करवाना अनिवार्य हो गया है। सरकारी कर्मचारी को 14 तरह की जांच करवाकर अपनी एसीआर के साथ लगाना होगा। इस स्वास्थ्य रिपोर्ट के जरिये राज्य सरकार उन कर्मचारियों की छंटनी करेगी जिनका स्वास्थय आमतौर पर खराब रहता है। ऐेसे कर्मचारियों को राज्य सरकार कम्पलसरी रिटायरमेंट भी दिलवा सकती है।

कर्मचारी की यूरिन, ब्लड शुगर, लीवर फंक्शन टेस्ट, एक्स-रे टेस्ट, आंख आदि की जांच कराई जाएगी। जांच की व्यव्स्था मेडिकल कॉलेजों, राजकीय चिकित्सालयों, सैटेलाइट अस्पतालों में कराने की जाएगी। इस आदेश का असर करीब एक लाख सरकारी कर्मचारियों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। 50साल से अधिक आयु वाले प्रत्येक कर्मचारी को अपनी जांच हर तीन साल के बाद करानी होगी। जिनकी आयु एक अप्रैल को 56 से 59 वर्ष के बीच है, उन्हें इसी साल स्वास्थ्य की जांच करानी होगी। जिनकी आयु 53 से 56 वर्ष की है, उन्हें अगले साल और जिनकी आयु 50 से 53 के बीच में है, उन्हें 2019-20 के दौरान स्वास्थ्य की जांच कराने के लिए प्रावधान किया गया है।

स्त्रोत : eenaduindia

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