पुरानी हवेली या मकान के मालिक अब शुरू कर सकते है ट्यूरिस्ट पेइंग गेस्ट हाउस

पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही है ट्यूरिस्ट पेइंग गेस्ट हाउस योजना के तहत अगर आपके पास पुरानी हवेली या मकान है तो पर्यटकों को तय शुल्क लेकर ठहरा सकते हैं।

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अगर आपके नाम कोई पुरानी हवेली या मकान है, तो आपके लिए यह अच्छी खबर है। पुरानी हवेली या मकान आपके लिए अतिरिक्त आमदनी का जरिया बन सकते हैं। पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही ट्यूरिस्ट पेइंग गेस्ट हाउस योजना में आप अपनी हवेली पुराने मकान का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। हवेली या मकान में कमरों की संख्या 2 से 5 के बीच होना आवश्यक है। पर्यटकों को इसकी जानकारी देने के लिए भवन पर साइन बोर्ड लगाना होगा। भवन स्वामी की ओर से पर्यटकों को ठहरने नाश्ते की सुविधा उपलब्ध करानी होगी। उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के आधार पर पर्यटक से निर्धारित शुल्क लिया जा सकेगा। शुल्क का निर्धारण पर्यटन विभाग करेगा।

दो श्रेणियों में होगा रजिस्ट्रेशन

ट्यूरिस्ट पेइंग गेस्ट हाउस का सिल्वर गोल्ड श्रेणियों में रजिस्ट्रेशन होता है। एक वर्ष के लिए सिल्वर श्रेणी का रजिस्ट्रेशन शुल्क एक हजार रुपए गोल्ड श्रेणी का रजिस्ट्रेशन शुल्क 2 हजार रुपए है।

यह सुविधा होनी चाहिए

सिल्वरश्रेणी के पेइंग गेस्ट हाउस में पर्यटकों के ठहरने के लिए साफ डेकोरेटेड कमरा, टॉयलेट बाथरूम होना चाहिए। कमरे में पंखा, कूलर, बैड, टेबल, कुर्सी पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। गोल्ड श्रेणी के पेइंग गेस्ट हाउस में पर्यटकों के ठहरने के लिए साफ डेकोरेटेड कमरा जिसमें अटैच टॉयलेट बाथरूम, बाथरूम में गीजर, कमरे में बैड, टेबल, कुर्सी, आलमारी पानी के अलावा गर्मी के मौसम में एसी सर्दी के मौसम में हीटर की व्यवस्था होनी चाहिए। वाटर कूलर होना चाहिए।

जिनके पास स्वयं की हवेली या पुराना मकान है, वे ट्यूरिस्ट पेइंग गेस्ट हाउस योजना में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। वहां उपलब्ध होने वाली सुविधाओं के अनुसार पर्यटकों से लिया जाने वाले शुल्क का निर्धारण किया जाता है।

-डॉ.टीना यादव, सहायक निदेशक, पर्यटक स्वागत केंद्र

स्त्रोत: भास्कर न्यूज़

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