टमाटर पहुंचा 100 के पार, मिर्च भी हुई 'लाल'

शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में में हरी सब्जियों व फलों के भावों में हुई बढ़ोतरी से आम लोगों का बजट गड़बड़ा गया है। पिछले एक माह के दौरान फलों व सब्जियों के भाव दुगुने हो चुके हैं।

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जैसलमेर. सरहदी जैसलमेर जिले में इन दिनों सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच कर मानो अटक गए हैं। ऐसे में यहां के बाशिदों की थाली से हरी सब्जियां लगभग गायब-सी हो गई हैं। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में में हरी सब्जियों व फलों के भावों में हुई बढ़ोतरी से आम लोगों का बजट गड़बड़ा गया है। पिछले एक माह के दौरान फलों व सब्जियों के भाव दुगुने हो चुके हैं। पूर्व में जहां टमाटर ६० रुपए प्रति किलो बिक रहा था, वहीं अब यह 100 से १२० रुपए प्रति किलो बिक रहा है। ऐसे में निम्न व मध्यमवर्गीय लोगों की जेब पर काफी असर पड़ रहा है। सब्जी व्यवसायियों की मानें तो इसका मुख्य कारण बारिश का होना हो सकता है। प्रदेश भर में हो रही मानसूनी बारिश के चलते नई सब्जियां बाजार में नहीं आ पा रही है। जिसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है।

स्वर्णनगरी में इन दिनों पर्यटन सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में सब्जी व फलों के भावों में अचानक आए उछाल के कारण आम लोगों के साथ-साथ होटल व्यवसायियों की भी परेशानियां बढ़ गई है। होटलों व रेस्टोरेंट में इन दिनों सब्जी की मांग अधिक रहती है, ऐसे में उनके बढ़ते भावों के चलते उन्हें आर्थिक रूप से परेशानियां झेलनी पड़ रही है।

हरी सब्जियों के बढ़े दामों ने जहां हर किसी की परेशानी को बढ़ाया हुआ, वहां यह एक गनीमत है कि आलू और प्याज जैसी प्रमुख सब्जियों के भाव स्थिर बने हुए हैं। ऐसे में यही सब्जियां जैसलमेर के बाशिंदों को राहत दिलाने में सहारा बनी हुई है। दुकानदारों की माने तो आलू व प्याज की बिक्री अन्य हरी सब्जियों की तुलनों में इन दिनों काफी बढ़ गई है।

स्त्रोत : राजस्थान पत्रिका

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