सुनील प्रसाद शर्मा

एसएचओ, सोडाला पुलिस थाना, जयपुर, राजस्थान

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मेरा मकसद आतंकवाद को मुहतोड़ जवाब देने के साथ ही देश के शहीदों को सलामी देने का है। इसी जज्बे की तरफ कदम बढ़ाते हुए मैंने 19-24 फरवरी 2017 को हुंकार दौड़ का आयोजन किया। मैं कोई एथलीट नहीं हूँ, दौड़ना कभी मेरा इरादा नहीं था। पुलिस की नौकरी में आने के बाद ये एहसास हुआ के हर पुलिस अफसर को फिट रहना बहुत ज़रूरी है। मैंने 42 साल की उम्र में दौड़ना शुरू किया, तब से लेकर आजतक जयपुर, मुंबई, चेन्नई, गुरुग्राम और नॉएडा में हुई मैराथन का प्रतिभागी रह चूका हूँ, साथ ही वर्ष 2016 में भूटान में हुई इंटरनेशनल मैराथन में भी भाग ले चूका हूँ। एक पुलिस अधिकारी और देशभक्त होने के साथ ही मैं खुद को एक कलाकार मानता हूँ। में पठानकोट में हुए हमले के दौरान मेरे दिल से निकली आवाज़ ने एक कविता का रूप लिया, जिसे कार्य में व्यस्तता के चलते मैं पूरा न कर पाया। 31 दिसम्बर को उन पंक्तियों को पूरा करते हुए मैंने उसे हुंकार दौड़ की आवाज़ बनाई, जिसे सिंगर दिव्य कुमार ने अपनी सुरीली आवाज़ प्रदान करी।

शब्दों की रिकॉर्डिंग हो जाने के बाद लगा के शब्दों को आम जन तक पहुँचाना आसन नहीं है। इसके लिए मैंने 5 मिनट की डाक्यूमेंट्री बनाई, जिसे यू ट्यूब और फेसबुक पर लांच किया गया। हुंकार दौड़ को मिले आमजन की प्रतिक्रिया से मैं काफी उत्साहित हूँ। मैं उन सभी लोगो का तहे दिल से शुक्रगुज़ार हूँ जिन्होंने हुंकार दौड़ में भाग लिया और जो मेरे साथ दौड़े। आशा करता हूँ की भविष्य में भी मैं एसा कुछ करता रहूँगा, जिससे लोगो में देशभक्ति की भावना जाग्रत हो और हम हमारी प्यारी भारत माता को आतंक मुक्त रख सके| जय हिन्द। जय भारत।

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