Home news शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£ जनà¥à¤®à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¤®à¥€ आज, घर-घर सजेंगे कानà¥à¤¹à¤¾, जानिठपूजा का शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ मà¥à¤¹à¥‚रà¥à¤¤
शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£ जनà¥à¤®à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¤®à¥€ आज, घर-घर सजेंगे कानà¥à¤¹à¤¾, जानिठपूजा का शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ मà¥à¤¹à¥‚रà¥à¤¤
आज शà¥à¤°à¥€ कृषà¥à¤£ जनà¥à¤®à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¤®à¥€ है। हिंदू पंचांग के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उदया तिथि अषà¥à¤Ÿà¤®à¥€ à¤à¤µà¤‚ उदय कालिक रोहिणी नकà¥à¤·à¤¤à¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 3 को शà¥à¤°à¥€ कृषà¥à¤£ जनà¥à¤®à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¤®à¥€ का वà¥à¤°à¤¤ रखा जाà¤à¤—ा।
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आज शà¥à¤°à¥€ कृषà¥à¤£ जनà¥à¤®à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¤®à¥€ है। यूं तो संवतॠके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कृषà¥à¤£ जनà¥à¤®à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¤®à¥€ 2 व 3 सितमà¥à¤¬à¤° दोनों तिथियों को ही मनाई जा रही है। लेकिन हिंदू पंचांग के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उदया तिथि अषà¥à¤Ÿà¤®à¥€ à¤à¤µà¤‚ उदय कालिक रोहिणी नकà¥à¤·à¤¤à¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 3 को शà¥à¤°à¥€ कृषà¥à¤£ जनà¥à¤®à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¤®à¥€ का वà¥à¤°à¤¤ रखा जाà¤à¤—ा। देश व पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के अधिकांश हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में 3 सितमà¥à¤¬à¤° को ही यह परà¥à¤µ उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन दिन माखन चोर शà¥à¤°à¥€ कृषà¥à¤£ à¤à¤—वान का जनà¥à¤® हà¥à¤† था। इसलिठघर—घर में कानà¥à¤¹à¤¾ की मूरà¥à¤¤à¤¿ सजेगी और साजो-शà¥à¤°à¥ƒà¤‚गार होगा। रात में कानà¥à¤¹à¤¾ के जनà¥à¤® लेने की खà¥à¤¶à¥€ में à¤à¤¾à¤‚कियां सजाई जाà¤à¤—ी और दही चरà¥à¤£à¤¾à¤®à¥ƒà¤¤ का पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ बंटेगा।
पूजा का शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ मà¥à¤¹à¥‚रà¥à¤¤
जनà¥à¤®à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¤®à¥€ पूजा का शà¥à¤ मà¥à¤¹à¥‚रà¥à¤¤ की बात करें तो सà¥à¤¬à¤¹ 6 बजे से 10:30 तक है, उसके बाद पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒ 10:30 से 12:30 बजे तक राहॠकाल रहेगा, उसके बाद शà¥à¤ मà¥à¤¹à¥‚रà¥à¤¤ 12:31 से 01:50 तक रहेगा, उसके बाद शाम को 05:10 से 06:30 तक पूजा का सही समय है। इसके आलावा आप रात में 09:35 से 10:55 तक à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£ की पूजा कर सकते हैं,उसके बाद रात 12:25 मिनट से लेकर सà¥à¤¬à¤¹ 5:30 तक का मà¥à¤¹à¥‚रà¥à¤¤ है।
पूजा की विधि
à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ पर हलà¥à¤¦à¥€, दही, घी, तेल, गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¤œà¤², मकà¥à¤–न, केसर, कपूर आदि चढाकर पूजा करें। साथ ही वà¥à¤°à¤¤ की कथा को पà¥à¤¨à¥‡ से मनोवांछित फल की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है। हिंदू धरà¥à¤® गà¥à¤°à¤‚थों में शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£-जनà¥à¤®à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¤®à¥€ की रातà¥à¤°à¤¿ को मोहरातà¥à¤°à¤¿ कहा गया है। इस रात में शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨, नाम अथवा मंतà¥à¤° जाप करने से संसार की मोह-माया से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ मिलती है। जनà¥à¤®à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¤®à¥€ का वà¥à¤°à¤¤ अपने आप में वà¥à¤°à¤¤à¤°à¤¾à¤œ है। इस à¤à¤• वà¥à¤°à¤¤ को करने से सà¤à¥€ वà¥à¤°à¤¤à¥‹à¤‚ का फल मिलता है। जनà¥à¤®à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¤®à¥€ का वà¥à¤°à¤¤ रोहिणी नकà¥à¤·à¤¤à¥à¤° में à¤à¥€ सिदà¥à¤§ है।
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