7वें पे-स्केल का एरियर जनवरी 2017 से, पेमेंट अगले साल से 3 किश्तों में

राज्य सरकार ने प्रदेश के साढ़े 8 लाख कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने की तैयारी कर ली है। यह अक्टूबर माह से लागू होगा। एरियर एक जनवरी 2017 से मिलेगा और इस बार जीपीएफ में जमा कराने के बजाय नकद दिया जाएगा। लेकिन सरकार के पास फिलहाल एरियर देने के पैसे नहीं हैं, इसलिए यह अगले साल से तीन किश्तों में देंगे। सातवें वेतनमान में कर्मचारियों के मूल वेतन में करीब साढ़े 14.29 प्रतिशत तक का इजाफा होगा। बता दें कि पिछले पे कमीशनों में मिले एरियर का मोटा हिस्सा सरकार जीपीएफ में जमा करवाती रही है।

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सरकार दीपावली से पहले कर्मचारियों को नया वेतनमान देने जा रही थी। लेकिन कुछ ग्रेड पे में विसंगतियों को लेकर मामला अटक गया। सातवें वेतनमान के लिए गठित डीसी सामंत पे कमेटी की रिपोर्ट लगभग तैयार है, लेकिन जब तक सरकार की तरफ से उन्हें यह नहीं बताया जाता कि जिन ग्रेड पे में विसंगतियां हैं। उनका फिक्सेशन कहां होगा तब तक रिपोर्ट फाइनल नहीं हो सकती।

सरकार ने इस मामले में कैबिनेट कमेटी बना रखी है लेकिन कमेटी ने रिपोर्ट सरकार को नहीं दी है। यह रिपोर्ट मिलने और अन्य प्रोसेस में पूरा सितंबर बीत सकता है। इसलिए सितंबर में इसकी घोषणा नहीं हो पाएगी।

मोटे रूप से सातवें वेतनमान में कर्मचारियों का वेतन करीब 14.29 प्रतिशत तक बढ़ेगा। इस मूल वेतन पर भत्ते दिए जाएंगे। किसी कर्मचारी का मूल वेतन 10 हजार रुपए है तो उस पर एक जनवरी 2016 में लागू 125 प्रतिशत डीए मिलाया जाएगा। जिससे मूल वेतन 22500 रुपए हो जाएगा। इस पर 8 से 16 प्रतिशत तक एचआरए लागू होगा। जयपुर में एचआरए दर 16 प्रतिशत है जबकि अन्य शहरों में यह 8 प्रतिशत तक है।

- 8,54,119 अफसर और कर्मचारी हैं राज्य सरकार के

- 6,39,726 मंत्रालयिक कर्मचारी हैं जिनकी ग्रेड पे 4800 रुपए तक है

- 2,14,393 है स्टेट लेवल के अफसर, इनकी ग्रेड पे मंत्रालयिक कर्मचारियों से ऊपर

मोटे रूप से सातवें वेतनमान में कर्मचारियों का वेतन करीब 14.29 प्रतिशत तक बढ़ेगा। इस मूल वेतन पर भत्ते दिए जाएंगे। किसी कर्मचारी का मूल वेतन 10 हजार रुपए है तो उस पर एक जनवरी 2016 में लागू 125 प्रतिशत डीए मिलाया जाएगा। जिससे मूल वेतन 22500 रुपए हो जाएगा। इस पर 8 से 16 प्रतिशत तक एचआरए लागू होगा। जयपुर में एचआरए दर 16 प्रतिशत है जबकि अन्य शहरों में यह 8 प्रतिशत तक है।

इस बार फिस्कल रेस्पोंसिबिलिटी बजट मैनेजमेंट एक्ट में जो संशोधन हुआ है, उसमें जीपीएफ में जमा करवाई जाने वाली राशि को भी सरकार की उधार की सीमा में शामिल कर लिया गया है। ऐसे में सरकार एरियर की राशि जीपीएफ में जमा करवाती है तो बाजार से उसके उधार लेने की क्षमता उतनी ही घट जाएगी। इसके अलावा जीपीएफ पर सरकार को करीब 8 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता है जबकि बाजार से इससे कम ब्याज दर पर वह पैसा ले सकती है। 5वें वेतनमान में एरियर की राशि जीपीएफ में जमा करवाई गई थी और इसकी निकासी पर पांच साल तक के लिए रोक भी लगाई गई थी।

अब तक प्रदेश में कर्मचारियों को छठा वेतनमान मिल रहा है। सातवां वेतनमान लागू करने के लिए सरकार पे कमेटी बना चुकी है। यह कमेटी प्रदेश में एक जनवरी 2016 में कर्मचारियों को दिए जा रहे वेतनमान के आधार पर नए वेतनमान की सिफारिशें करेगी। छठे वेतनमान में कर्मचारियों का मूल वेतन पे और ग्रेड पे को मिलाकर तय होता था। सातवें वेतनमान में ग्रेड पे का कान्सेप्ट खत्म कर पे मेट्रिक्स लागू कर दी गई है।

स्त्रोत: भास्कर

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