राजस्थान विश्वविद्यालय का 28वाँ दीक्षांत समारोह

राजस्थान यूनिवर्सिटी में 28वां दीक्षांत समारोह बुधवार को कोनवोकेशन सेंटर में बिना राज्यपाल के मनाया गया। हालांकि उच्च शिक्षा मंत्री किरन माहेश्वरी ने इस मौके पर पूरे टाइम स्टेज पर रहकर उनकी कमी दूर करने की कोशिश की।

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राजस्थान यूनिवर्सिटी में 28वां दीक्षांत समारोह बुधवार को कोनवोकेशन सेंटर में बिना राज्यपाल के मनाया गया। हालांकि उच्च शिक्षा मंत्री किरन माहेश्वरी ने इस मौके पर पूरे टाइम स्टेज पर रहकर उनकी कमी दूर करने की कोशिश की और गोल्ड मैडल पहनाए। उनके साथ वीसी प्रोफेसर आर के कोठारी भी थे, जिन्होंने राज्यपाल की ओर से आया उद्बोधन पढ़ा, जिसमें गवर्नर ने गोल्ड मैडल व पीएचडी पाने को वालों को शुभकामनाएं दी थीं।

  • पूरे टाइम टीचर्स, स्टूडेंट्स और अन्य लोगों में चांसलर के नहीं आने की ही चर्चा होती रही।
  • फिलॉस्फी से एमए करने वाले सोम प्रकाश लगभग सबसे सीनियर रहे, जिन्हें गोल्ड दिया गया। उनकी उम्र करीब 55 के आगे उनके इरादे ज्यादा मजबूत निकले और उन्होंने टॉप करते हुए गोल्ड हासिल किया।

एक मंच से लिए तीन गोल्ड मैडल

  • समारोह में जयपुर के मोहित तिवारी को एक साथ तीन गोल्ड मिले। यह किसी भी स्टूडेंट को एक साथ मिलने वाले मैडल्स में से सबसे ज्यादा थे।
  • उन्होंने बताया, अलग-अलग कोर्स के लिए यह मैडल दिए गए हैं। तीनों में ही मैंने टॉप किया।
  • पेशे से वकील मोहित ने बताया,  à¤‡à¤¸à¤•े लिए मैंने पहले से ही प्लानिंग कर ली थी और प्रयास किए तो सफलता भी मिली।

सीधे लिया 10वीं में एडमिशन

  • शिखा को सबसे छोटी उम्र में एलएलएम तो किया ही और उसमें भी टॉप करते हुए गोल्ड हासिल कर लिया।
  • शिखा ने बताया मैंने सीधे 10वीं में एडमिशन लिया था और 12 साल की उम्र में 12वीं कर ली थी।
  • इसके बाद अब 20 साल की उम्र में एलएलएम किया है, जिसमें गोल्ड मिला है। 10वीं से पहले ओपन स्कूल में पढ़ाई की थी।

स्टडी लीव के दौरान की एमजेएमसी

  • जम्मू में पोस्टेड कर्नल राकेश मिश्रा को भी टॉप करने पर गोल्ड दिया गया। वे आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और जब वे मंच पर गए तो आकर्षण का केंद्र रहे। उन्होंने बताया, स्टडी लीव मिलती है।
  • इस दौरान छुट्टी लेकर मैंने जयपुर से ही एमजेएमसी की पढ़ाई की और टॉप करने में सफल रहा। मेरा न्यूज देखना और पढ़ने का शुरू से शौक रहा है। इसको देखते हुए मैंने जर्नलिज्म में ही टॉप किया। अब मैं फिर से देश सेवा में समय बिताउंगा।

ड्रेस कोड में नहीं आए टीचर्स और मैडल लेने वाले

  • राजस्थान यूनिवर्सिटी की ओर से कोनवोकेशन के लिए ड्रेस कोड जारी किया गया था, जिसके अनुसार यदि किसी ने उसको फॉलो नहीं किया तो उसे सेंटर में एंट्री नहीं दी जाएगी और मैडल भी मंच से नहीं देकर डिपार्टमेंट से लेना था।
  • वहीं बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स और टीचर्स ने ही ड्रेस कोड फॉलो नहीं किया। मंच पर बैठे टीचर्स की साड़ी ही कोड से मैच नहीं कर रही थी तो सामने की लाइन में बैठे टीचर्स भी मैचिंग के कपड़े नहीं पहनकर आए।

स्त्रोत: भास्कर

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