2018: कोटा में बनेगा स्टूडेंट्स की संख्या का रिकॉर्ड

राजस्थान के एजुकेशन हब, कोटा में कोचिंग के लिए आने वाले स्टूडेंट्स का साल दर साल बढ़ रहा आंकड़ा इस बार करीब पौने दो लाख तक पहुंच गया है।

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राजस्थान का कोटा शहर सपने बेचता है। सपना आईआईटी और देश के दूसरे बेहतरीन इंजनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का। एक सुनहरे करियर और बेहतरीन लाइफ की चाहत में एक पूरी पीढ़ी इसके पीछे भाग रही है। कोटा की कोचिंग के बेहतरीन नतीजों ने एक बार फिर इस शहर को देशभर के स्टूडेंट्स की शरणस्थली बना दिया है। इस साल देशभर से कोटा आए विद्यार्थियों की संख्या एक रिकॉर्ड कायम करने जा रही है।

यहां साल दर साल आने वाले स्टूडेंट्स की तादाद में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। करीब एक लाख 35 हजार स्टूडेंट्स की शरणस्थली बना कोटा में इस बार यह आंकड़ा बढ़कर पौने दो लाख के करीब होने जा रहा है। इस साल कोटा में करीब 40 हजार स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने जा रही है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाओं में बेहतर नतीजों के बाद कोचिंग नगरी कोटा में आईआईटी और डॉक्टर बनने का सपना संजोए देशभर से स्टूडेंटस आते हैं। शहर की फिजां इन दिनों ऐसी हो गई कि जैसे यही मिनी इंडिया हो।

कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और पूर्वोत्तर से लेकर पश्चिम तक के विद्यार्थी इन दिनों अपने अभिभावकों के साथ अपने सपनों को सच करने कोटा पहुंच रहे हैं। स्टूडेंट्स व उनके अभिभावकों के विश्वास को इस शहर ने जीता है अपने बेहतरीन नतीजो से। यह वही शहर है जो हर दूसरे साल आईआईटी और जेईई में टॉप रैंक दे रहा है। वहीं मेडिकल प्रवेश परीक्षा एम्स के पिछले साल के नतीजों ने तो लिम्का बुक रिकॉर्ड में कोटा की कोचिंग को ऊंचे पायदान पर खड़ा कर दिया। बीते बरसों के नीट के आए नतीजों में भी टॉप 10 और टॉप 100 में सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स कोटा के ही रहे। सफलता की इसी कहानी को दोहराने के लिए देशभर से स्टूडेंट्स ने इस बार फिर उम्मीदों के साथ कोटा का रुख किया है।

स्त्रोत: न्यूज़18

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