राजस्थान में कुपोषण के विरुद्ध हो रहे संघर्ष की हो रही हैं प्रशंसा

अब तक 9, 000 से अधिक बच्चों को कुपोषण से बचाया जा चूका हैं

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जैसलमेर: देशभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ राजस्थान को कुपोषण मुक्त करने की पहल के तहत चल रहे समुदाय आधारित सीएमएएम कार्यक्रम की सराहना कर रहे हैं।

कार्यक्रम के पहले चरण के अंतर्गत 9, 000 से अधिक बच्चों को कुपोषण से छुटकारा दिलाया जा चूका हैं। पहले चरण की अपार सफलता से प्रेरित होकर अब जल्द ही दूसरा चरण शुरू किया जा रहा हैं जिसमें 25,000 बच्चों को कुपोषण से छुटकारा दिलाने का लक्ष्य रखा गया हैं।

सीएमएएम राज्य के स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल हैं जिसे एसीएफ, यूनिसेफ, और गेन जैसी संस्थायो की सहायता से साकार किया जा रहा हैं। एसीएफ के पोषण विभाग की हेड मीता माथुर ने बताया की 41 ब्लॉकों के 1,731 गांवों में लगभग 2,34,000 बच्चों को कुपोषण के लिए स्कैन किया गया था जिसमे से 9,529 बच्चे को इससे पीड़ित पाया गया हैं। इन बच्चों को निरीक्षण में रखा गया था और रोगनिवारक भोजन व तकनीकी सहायता से इनका स्वास्थ्य ठीक किया गया हैं।

सीएमएएम कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम इस समय राज्य के बारन, बाडमेर, बांसवाड़ा, बुंदी, ढोलपुर, डुंगरपुर, जैसलमेर, जालोर, करौली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर आदि जिलों में कार्यान्वयित है।

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