केरल मॉडल पर किया जा सकता है राजस्थान के किसानों का कर्ज माफ

केरल में कर्ज माफी के लिए किसान को आयोग में आवेदन करना होता है जिसके बाद अधिकतम एक लाख रुपए तक का ही कर्ज माफ होता है।

Scroll down for more.!

राजस्थान में किसानों की कर्जा माफी के लिए बनी हाईपावर कमेटी केरल मॉडल अपनाने पर विचार कर रही है। हाईपावर कमेटी केरल की तर्ज पर राजस्थान में किसानों की कर्ज माफी का आयोग बनाने की सिफारिश कर सकती है। कमेटी ने अफसरों के दल से केरल मॉडल का अध्ययन करवाया था।

केरल गए अध्ययन दल की रिपोर्ट के बाद कमेटी ने सदस्यों से केरल मॉडल पर सुझाव मांगे हैं। कमेटी ने माकपा नेता अमराराम और कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा को भी चिट्ठी लिखकर सुझाव देने को कहा है।

शेखावाटी में किसान आंदोलन के बाद किसानों की कर्ज माफी पर सिंचाई मंत्री डॉ. रामप्रताप की अध्यक्षता में बनी हाईपावर कमेटी ने अभी तक अपनी सिफारिशें सरकार को नहीं दी है।

हाईपावर कमेटी के केरल गए अध्ययन दल ने पिछले महीने ही अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। इस रिपोर्ट के बाद अब केरल की तर्ज पर कर्ज माफी आयोग बनाने के बारे में कमेटी के सदस्यों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। इन सुझावों के बाद हाईपावर कमेटी सरकर को अपनी रिपोर्ट देगी।

किसानों की कर्ज माफी को लेकर आंदोलन कर चुके माकपा नेता और कांग्रेस नेता केरल मॉडल के पक्ष में नहीं हैं। केरल गए अध्ययन दल में माकपा नेता अमराराम और कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा सरकार के बुलावे के बावजूद नहीं गए थे। माकपा और कांग्रेस ने कर्ज माफी के लिए कमिशन बनाए जाने के विचार को सिरे से खारिज कर दिया है। केरल में कर्ज माफी के लिए किसान को आयोग में आवेदन करना होता है, पिछले सात साल में केरल में 183 करोड़ रुपए का कर्ज माफ हुआ है, केरल में अधिकतम एक लाख रुपए तक का ही कर्ज माफ होता है।

राजस्थान के जमीनी हालात केरल से अलग हैं, यहां 30 लाख से ज्यादा किसान सहकारी बैंकों के कर्जदार हैं, जबकि अन्य कमर्शियल बैंकों से भी 20 लाख से ज्यादा किसान कर्जदार है। अब हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है, अगले बजट में सरकार कर्ज माफी को लेकर इसी रिपोर्ट के आधार पर घोषणा कर सकती है।

स्त्रोत: न्यूज़18

Tags

See Also