नागपुरी संतरों के बाद अब मार्केट में नज़र आएगा राजस्थान का 'राज संतरा'

राज्य का कृषि व बागवानी विभाग राज्य में उत्पादित संतरों को ‘राज संतरा’ के ब्रांड से विपणन करने का विचार कर रहा हैं

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जयपुर: राजस्थान का बागवानी विभाग राज्य में उत्पादित संतरों को ‘राज संतरा’ के ब्रांड से विपणन करने का विचार कर रहा हैं|

राज्य के कुल संतरा उत्पादन में 98% योगदान रखने वाला कोटा डिवीजन अपने अधिकांश संतरे 'नागपुर ऑरेंज' के ब्रांड से बेचता आया है| नागपुर किस्म के अतिरिक्त यहाँ जफ़फ़ा, वैलेंसिया और डेजी जैसी नई किस्मों की भी शुरुआत जा सकती हैं|

गौरतलब हैं की डिवीज़न में साइट्रस फलों के उत्पादन में बीतें कुछ वर्षों में काफी सुधार आया हैं जिसका श्रेय नांता फॉर्म पर निर्मित साइट्रस फलों के उत्कृष्टता केंद्र (सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस) को दिया जा रहा हैं| वर्ष 2014-15 में स्थापित हुए इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य सीट्रस फलों के पौधों को तैयार करना और बागबानी प्रबंधन में आधुनिक टेक्नोलॉजी को समाविष्ट करना हैं|

कृषि और बागवानी के प्रमुख सचिव नीलकमल दरबारी का कहना हैं की 6.8 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस केंद्र में इस वक्त साइट्रस फलों के लगभग 24 किस्मों के विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया की क्लेमेंटाइन, मीकल डेज़ी, किन्नो, नागपुर मैंडरिन, नागपुर सीडलेस और जेफ्फा आदि किस्मों के विकास के लिए पौधे के लिए इज़राइली तकनीक पर आधारित प्रणाली का उपयोग किया जा रहा हैं| फसल उत्पादन के बाद स्थानीय स्तर पर पौधों की पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग करने का भी प्रस्ताव हैं।

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