अच्छे मानसून से राजसमंद की झील हुई लबालब, ग्रामीणों में खुशी का माहौल

एशिया की दूसरी मीठे पानी की झीलों मे शुमार राजसमंद झील के पास इन दिनों जश्न का माहौल है. कारण यह है कि इस साल के अच्छे मानसून से झील पूरी लबालब हो गई है.

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इस साल इन्द्रदेव की मेहरबानी से गोमती नदी में भी चार दिन पांच फीट पानी की आवक हुई, जबकि खारी नदी से भी पानी की आवक जारी है. इससे 32 फीट भराव क्षमता वाली झील लबालब हो गई है.

विभागीय आंकड़ों के अनुसार इसमें 3786 एमसीएफटी पानी की क्षमता है, जबकि मंगलवार सुबह 3714 एमसीएफटी पानी आचुका है. सोमवार रात पानी की आवक बढ़ते ही झील का पानी कमलबुरज की छतरी के पास ओवरफ्लो प्वाइंट से आगे निकल गया.

सूचना मिलते ही स्थानीय लोग ढोल-ताशों के साथ नाचते गाते झील पर पंहुचे और इन्द्रदेव का आभार जताया. सोमवार रात से लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया. मंदलवार भी बड़ी संख्या में लोग झील किनारे ओवरफ्लो देखने पंहुच रहे हैं.

जानकारी के अनुसार 1973 में झील मे चादर चली थी. उसके बाद मानसून की बेरुखी के चलते झील नहीं भर पाई. 44 वर्षों के लम्बे इंतजार के बाद झील छलक गई है. लोगों की बढ़ती आवक के चलते मौके पर पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है. साथ ही एडीएम, एएसपी सहित नगर परिषद आयुक्त ने मौका मुआयना किया.

इस झील में पानी भरा रहने से करीब पचास गांवों का जलस्तर बढ़ता है. वहां की फसलें आबाद होती हैं. इसी कारण आसपास के लोग भी अपनी खुशी व्यक्त करने झील पर पंहुच रहे हैं.

स्त्रोत: न्यूज़ 18

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