राजस्थान के स्कूलों में अब सुनाई जाएंगी दादी-नानी की कहानियां

प्रदेश के बच्चों को अपराधिक प्रवृति से बचपन से ही दूर रखने के लिए शिक्षा विभाग एक नई व अनूठी पहल करने जा रहा है। इस पहल के तहत...

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प्रदेश के बच्चों को अपराधिक प्रवृति से बचपन से ही दूर रखने के लिए शिक्षा विभाग एक नई व अनूठी पहल करने जा रहा है। इस पहल के तहत अब सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को प्रत्येक शनिवार धार्मिक प्रवचनों और संतों के उपदेश सुनाया जाएगा। इसके साथ ही दादी-नानियों की प्रेरणादायी कहानियां भी सुनाई जाएगी ताकि यह सभी प्रेरणा उनके बालमन में ही रोपी जा सके। इसके लिए शिक्षा विभाग ने हाल में जारी किए अपने नए वार्षिक कैलेंडर (शिविरा पंचांग) जारी कर दिया है। यह सभी गतिविधियां प्रत्येक शनिवार को सभी विद्यालयों में अनिवार्य तौर पर आयोजित होंगी। इसे एक्स्ट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज में शामिल किया है।

स्कूलों में आयोजित होने वाले साप्ताहिक कार्यक्रम

  • पहला शनिवार-किसी एक महापुरुष के जीवन पर आधारित प्रेरणादायक कहानी छात्रों को सुनाई जाएगी।
  • दूसरा शनिवार- शिक्षा से जुड़ी प्रेरणादायक कहानी सुनाई जाएंगी। इसके अलावा संस्कार सभा के तहत दादी-नानी कहानियां सुनाई जाएंगी।
  • तीसरा शनिवार- देश की समसामयिक घटनाओं की समीक्षा और किसी संत-महात्मा का उपदेश कार्यक्रम।
  • चौथा शनिवार-साहित्य, महाकाव्यों पर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम कराया जाएगा।
  • पांचवां शनिवार-प्रेरक नाट्य का मंचन और छात्रों द्वारा राष्ट्र भक्ति गीत गायन कार्यक्रम का आयोजन।

शिक्षा विभाग ने जारी किया छुट्टियों का कार्यक्रम

  • इनके साथ ही शिक्षा विभाग ने सत्र 2018-19 की छुट्टियों का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है। यह इस प्रकार से होगा...
  • मौजूदा सत्र में 1 जुलाई, 2018 से 30 जून, 2019 तक 241 दिन स्कूल खुलेंगे।
  • पूरे सत्र में 53 रविवार और 71 अवकाश रहेंगे।
  • स्कूलों में 29 अक्टूबर से 9 नवंबर तक मध्यावधि अवकाश और 25 दिसंबर से 7 जनवरी, 2019 तक शीतकालीन अवकाश रहेंगे। ग्रीष्मावकाश 10 मई से 18 जून, 2019 तक होंगे।
  • जिला स्तरीय पर प्राथमिक स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता 25 से 27 सितंबर के बीच होगी। एक मई से 2019-20 का नया सत्र शुरू होगा।

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