राजस्थान दिवस को लेकर उठे सवाल, अब RSS कर रही सही दिन आयोजन की पहल

Patrika News Network Mar 24, 2017, 08:06 IST

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जयपुर।

राजस्थान दिवस की तैयारियों के बीच एक सवाल खड़ा हो गया है कि राजस्थान दिवस किस दिन मनाया जाए? सरकार हर साल 30 मार्च के दिन इसका आयोजन करती है। जबकि ऐतिहासिक प्रमाण हैं कि 30 मार्च 1949 को ग्रेटर राजस्थान के निर्माण के दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा थी। तदनुसार विक्रम संवत 2006 व शक संवत 1871 के दिन राजस्थान का सुनहरा अध्याय लिखा था। यह हिंदू नववर्ष का दिन था इसलिए इसे तय किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पहल कर रहा है कि राजस्थान दिवस चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मने। रियासतों के एकीकरण के पुरोधा तत्कालीन गृह और रियासती मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने उस ऐतिहासिक दिन भाषण में इसका उल्लेख किया था।


2008 से नव वर्ष समारोह समिति के प्रवक्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख महेंद्र सिंघल का कहना है कि राजस्थान दिवस वर्ष प्रतिपदा के दिन ही हुआ था। यह आयोजन सरकारी आयोजन बन कर न रहे, यह समाज का आयोजन होना चाहिए इसे नियत शुभ तिथि को ही मनाना चाहिए। इसके लिए पूर्ववर्ती सरकार के समय मौजूदा सरकार के नेताओं ने भी मांग रखी थी कि आयोजन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हो।

30 मार्च 1949 को दिए सरदार वल्लभ भाई पटेल के भाषण का अंश

राजपूताना में आज नए साल का प्रारम्भ है। यहां आज के दिन साल बदलता है। शक बदलता है। यह नया वर्ष है तो आज के दिन हमें नए महा राजस्थान के महत्व को पूर्ण रीति से समझ लेना चाहिए। आज अपना हृदय साफ कर ईश्वर से हमें प्रार्थना करनी चाहिए कि वह हमें राजस्थान के लिए योग्य राजस्थानी बनाए। राजस्थान का उठाने के लिए, राजपूतानी प्रजा की सेवा के लिए ईश्वर हमको शक्ति और बुद्धि दे। आज इस शुभ दिन हमें ईश्वर का आशीर्वाद मांगना है। मैं उम्मीद करता हूं कि आप सब मेरे साथ राजस्थान की सेवा की इस प्रतिज्ञा में, इस प्रार्थना में शरीक होंगे। जय हिंद !

राजस्थान दिवस तो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही है

- सरदार वल्लभ भाई पटेल ने राजस्थान निर्माण के समय जो पत्र लिखा था , उसमें जिस जगह दिनांक लिखा जाता है वहां चैत्र शुक्ल प्रतिपदा लिखा था। इसलिए स्वाभाविक रूप से वर्ष प्रतिपदा को ही राजस्थान दिवस घोषित करना चाहिए।

डॉ. रमेशचंद्र अग्रवाल, प्रांत संघ चालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। 

- 30 मार्च 1949 के दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा थी। निश्चित रूप से राजस्थान गठन के लिए इसी शुभ तिथि का मुहूर्त निकाल कर गठन किया गया था। आयोजन चाहे किसी भी दिन हो लेकिन राजस्थान दिवस तो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही है।

पंडित दामोदर प्रसाद शर्मा, ज्योतिर्विद।

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