राजस्थान में पेट्रोलियम डीलर्स का 'नो परचेज' आंदोलन हुआ फ्लॉप

पेट्रोल-डीजल कीमतें प्रतिदिन तय करने का विरोध शुरू हो गया है. हालांकि राज्य स्तर का आंदोलन सभी डीलर्स का साथ नहीं मिलने से फ्लॉप शो साबित हुआ |

Scroll down for more.!

पेट्रोलियम डीलर्स ने मुनाफे में कमी और दरें प्रतिदिन बदलने पर हो रहे घाटे को देखते हुए पूरे प्रदेश में बुधवार को 'नो परचेज डे' का निर्णय लिया है|

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के बैनर तले इस दिन कोई भी डीलर पेट्रोलियम कंपनियों से पेट्रोल-डीजल की खरीद नहीं करेगा| हालांकि शहरी क्षेत्रों में कुछ डीलर्स ने पेट्रोलियम कंपनियों से परचेज किया. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों कुछ पंपों पर ड्राई की स्थिति बनी|

एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनीत बगई ने बताया कि डीलर्स को इस योजना से निरंतर हानि हो रही है और लंबे समय तक डीलर्स यह नुकसान नहीं उठा सकते. अगर समय रहते सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां कोई प्रभावी निर्णय नहीं लेते हैं तो मजबूरन उन्हें लंबे समय के लिए नो परचेज का निर्णय लेना पड़ेगा|

उन्होंने बताया कि तेल कंपनियों की इस योजना से प्रदेश के छोटे डीलर्स पर पड़ने जा रहा है. उनकी मासिक सेल एक लाख लीटर से कम है. यदि उसके पास प्रतिदिन कुछ हजार लीटर शेष रह जाता है, ऐसे में यदि दाम में कमी हो जाती है तो उसे भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा. छोटे डीलर धीरे-धीरे बाहर होने लगेंगे|

सोर्स : न्यूज़18

See Also