खादी से जुड़े वस्त्र एवं सामग्री चाहिए तो राष्ट्रीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी है बेहतर विकल्प

अगर आपको खादी से प्यार है और खादी के वस्त्र या खादी से जुड़ा अन्य कोई उत्पाद खरीदना चाह रहे हैं तो जयपुर के रामलीला मैदान में चल रही राष्ट्रीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

Scroll down for more.!

अगर आपको खादी से प्यार है और खादी के वस्त्र या खादी से जुड़ा अन्य कोई उत्पाद खरीदना चाह रहे हैं तो जयपुर के रामलीला मैदान में चल रही राष्ट्रीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी एक बेहतर विकल्प हो सकता है। महात्मा गांधी की 150वीं जन्म शताब्दी के अवसर पर राजस्थान खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, जयपुर के सहयोग से लगाई गई राष्ट्रीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन एमएसएमई के शासन सचिव नवीन महाजन ने किया। साथ ही प्रदर्शनी का अवलोकन कर खादी के सूती, ऊनी, सिल्क और पॉली वस्त्र से बने परिधानों एवं उत्पादों की भी जानकारी ली। उन्होंने प्रदर्शनी स्थल के मुख्य द्वार पर प्रत्यक्ष प्रदर्शन के लिए रखे गए अंबर चरखें एवं लूम पर सूती वस्त्र बुनाई प्रक्रिया को भी जाना। 

इस प्रदर्शनी का आयोजन राजस्थान खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, जयपुर के सहयोग से ग्रामीण कत्तिन, बुनकर व कारीगरों को स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बनाने, बिक्री बढाने एवं उन्हें प्रोत्साहन देने के लिए किया गया है। यह प्रदर्शनी 3 दिसम्बर, 2018 से 13 जनवरी, 2019 तक लगाई जाएगी।

राजस्थान खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, जयपुर के सचिव अल्पा चौधरी ने बताया कि इस प्रदर्शनी में पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, गुजरात पंजाब दिल्ली, उत्तराखंड, मुंबई एवं जम्मू-कश्मीर तथा राजस्थान के जयपुर, बीकानरे, भरतपुर, जैसलमेर, दौसा, अजमेर, कोटा, उदयपुर, चूरू, चित्तौड़गढ, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, सीकर एवं जोधपुर जिलों से खादी संस्था,समिति की 69 एवं ग्रामोद्योग की 48 ईकाईयॉ ने अपनी स्टॉल्स लगाई हैं। जिसमें खादी के सूती, ऊनी, सिल्क और पॉली वस्त्रें से बने डिजाईनर परिधानों एवं हस्त निर्मित ग्रामोद्योग उत्पाद, घरेलू उपयोग की विभिन्न वस्तुएं भी उपलब्ध हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा भी बिक्री प्रोत्साहन की दृष्टि से गत वर्ष दी गई सीमित अवधि की रिबेट 5 प्रतिशत के स्थान पर पूर्ण वर्ष के लिए रिबेट घोषित की गई है।

See Also