मरु महोत्सव - जैसलमेर में जग विख्यात मरु मेले का आगाज!

Patrika News Network 2017-02-08 09:51:55 IST

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कलात्मक सुन्दरता व बारीक नक्काशी कार्य के कारण विश्व स्तरीय पहचान बना चुकी स्वर्ण सी.. स्वर्णनगरी में ठीक नौ बजे जग विख्यात मरु महोत्सव २०१७ का आगाज हो गया। दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने वाले मरु महोत्सव का आगाज जिला कलक्टर ने हरी झंडी दिखाकर व केसरिया, सफेद व हरे गुब्बारे उड़ाकर की। महोत्सव के आगाज के साथ अन्तर्राष्ट्रीय कलाकारों के साथ राजस्थानी लोक नृत्य शुरू हो गया। इन सबके बीच सीमा सुरक्षा बल के अनुशासित बैंड ने भी लोगों को खासा आकर्षित किया। कालबेलिया नृत्य देखकर सैलानी व स्थानिय लोगों में उत्साह दिखा और वे कलाकारों के कला  à¤ªà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ को एकटक निहारते रहे। गोपा चौक व सोनार दुर्ग के आगे कलाकारों ने जमकर नृत्य व अपनी अनुठी कलकाओं आ प्रदर्शन कर सैलानियों का दिल जीत लिया। 

गौरतलब है कि वर्ष 1980 के बाद ‘क्लासिक टूरिज्म’ के प्रेमी विदेशियों के पांव जैसलमेर में पडऩे शुरू  à¤¹à¥à¤à¥¤ इसके बाद पर्यटकों की आवक से मरुस्थलीय जिले की तस्वीर संवरने लगी। सरकारी तंत्र ने जल्द ही जैसलमेर के पर्यटन महत्व को भांप लिया और 1979 में यहां ‘डेजर्ट फेस्टिवल’ का पहला आयोजन हुआ। आज विश्व जगत में देशी-विदेशी सैलानियों के बीच  à¤ªà¥à¤°à¤®à¥à¤– ‘कार्निवाल’ के रूप में जैसलमेर पहचान बना चुका है और यह देन है विश्व विस्तरीय ख्याति अर्जित कर चुके मरु महोत्सव की।  à¤®à¤°à¥ महोत्सव को देश-दुनिया में मिली ख्याति का ही यह परिणाम है कि सरहद से सटे जैसलमेर के युवाओं के लिए पर्यटन व्यवसाय रोजगार की खान साबित हुआ और गांवों का हुलिया भी बदला। पर्यटन को पंख लगने से पाक सीमा से सटे जैसलमेर क्षेत्र की पर्यटन ने फिजा ही नहीं बदली, बल्कि हजारों हाथों को रोजगार भी मिला।  

मिस्टर डेजर्ट व मिस मूमल के प्रतिभागी आकर्षण à¤¶à¥‹à¤­à¤¾à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤°à¤¾ के साथ चल रहे मरु श्री व मिस मूमल के प्रतिभागी आकर्षण का केन्द्र रहे। रौबदार मूंछ व दाड़ी के बीच राजस्थानी वेशभूषा में देहाती ग्रामीण का वैसभूषा में युवाओं ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। सैलानियों में फोटो का क्रेज शोभायात्रा के दौरान देसी-विदेशी सैलानियों में फोटो का क्रेज रहा। हर कोई अपने मोबाइल व फोटो कैमरा से फोटो शूट करता नजर आया। 

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