आज से कुंभलगढ़ उत्सव का आगाज, होंगे रंगारंग कार्यक्रम

पर्यटक एवं स्थानीय लोग चीन की ग्रेट वॉल के बाद दूसरी सबसे बड़ी समझी जाने वाली कुंभलगढ़ की प्राचीन दीवार से अवगत हो सकेंगे

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प्रसिद्ध कुंभलगढ़ फेस्टिवल का आगाज आज से हो गया है। यह कुंभलगढ़ फेस्टिवल राजसमन्द के कुंभलगढ़ किले में आयोजित होगा। राजसमन्द उदयपुर जिले से केवल 70 किमी दूर है। तीन दिवसीय यह फेस्टिवल रविवार तक चलेगा जिसमें कई तरह के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पर्यटन विभाग राजसमंद और जिला प्रशासन मिलकर कुंभलगढ़ फेस्टिवल का आयोजन कर रहे हैं। इस आयोजन के पीछे विभाग का मकसद है कि राजस्थान विश्व के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक बन जाए।

आपको बता दें कि फेस्टिवल का आयोजन कुंभलगढ़ किले के यज्ञवेदी चौक में होगा जहां देशी व विदेशी कलाकारों के लिए प्रतियोगिता भी होगी। इस फेस्टिवल में विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियां, पारम्परिक खेल, लोक प्रदर्शन एवं सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा। इन तीन दिनों के इस फेस्टिवल के लिए भारतीय लोककला मंडल उदयपुर का प्रसिद्ध कठपुतली नृत्य प्रदर्शन, राजस्थानी कलाकारों द्वारा राजस्थानी लोकनृत्य, साफा बांधो प्रतियोगिता जैसी विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं की योजना बनाई गई है।

पहले दिन के आयोजन

आयोजन के पहले दिन की शाम को जोधपुर का प्रसिद्ध फॉल्कन ग्रुप ‘साउण्ड ऑफ डेजर्ट’ पेश करेगा। साथ ही कविता मोहन्ती ओडिशी नृत्य की प्रस्तुति देंगी। विदेशी पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को आकर्षित करने के लिए इन गतिविधियों एवं प्रतिस्पर्धाओं के अलावा विभाग की ओर से सांस्कृतिक संध्याएं भी होंगी।

दूसरे दिन के आयोजन

दूसरे दिन सात शास्त्रीय रूपों का समागम होगा, जिनमें भरतनाट्यम, कथक, कथकली, कुचिपुड़ी, मोहिनी अट्टम इत्यादि नृत्यों की प्रस्तुति मुम्बई की सप्तरंग संस्था के कलाकार देंगे।

तीसरे दिन के आयोजन

तीसरे दिन बांसुरी और सरोद का अनूठा फ्यूजन पेश किया जाएगा। इसे प्रख्यात बांसुरी वादक पण्डित रोनू मजूमदार पेश करेंगे।

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