जैसलमेर का जीवाश्म पार्क बनेगा अंतरराष्ट्रीय भौगोलिक विरासत

जैसलमेर के अकाल वुड फॉसिल पार्क का 10 करोड़ की लागत से होगा उन्नयन

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जैसलमेर: जैसलमेर में  à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ अकाल वुड फॉसिल पार्क जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय भौगोलिक विरासत पर्यटन स्थल में बदलने जा रहा हैं|

जैसलमेर ज़िले का अकाल गाँव का वुड फॉसिल पार्क डायनासोर जीवाश्म के लिए जाना जाता है| यहाँ डायनासोर के साथ-साथ आठ जलचर प्रजातियों के जीवाश्म के निशान भी पाए गए हैं। रेगिस्तान राष्ट्रीय उद्यान (डीएनपी) श्रेणी के अंतर्गत आने वाला यह पार्क शहर से 18 किमी दूर स्थित है व लोअर जुरासिक काल से सम्बंधित चिन्ह पाए जाने के कारण जीवाश्म विज्ञान के क्षेत्र में अत्यंत महत्त्व रखता हैं।

पार्क को राज्य पर्यटन के लिए भी लाभकारी माना जाता हैं इसीलिए बजट में इसके पुनरुत्थान के लिए 10.9 करोड़ रुपये की घोषणा की गयी थी। इनमें से 5 करोड़ रुपये पार्क के आधुनिकीकरण के लिए मंजूरी दे भी दी गई है।

वन के उप संरक्षक अनूप के आर के अनुसार प्राप्त हुई धनराशी का उपयोग सर्वप्रथम पहले से ही खोजे गए जीवाश्मों और जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू), जोधपुर के भौगोलिक वैज्ञानिकों को मिले नए नमूनों को संरक्षित करने के लिए होगा| तत्पश्चात एक नया अंतरराष्ट्रीय भू-पर्यटन पार्क विकसित किया जाएगा| पार्क में आने वाले पहाड़, चट्टानें, उनकी संरचनाओं, जीवाश्म और पौधों की सभी भौगोलिक और जैविक सूचनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा जिससे पार्क में आने वाले छात्रों और पर्यटकों विस्तृत जानकारी मिल सके।

इसके अतिरिक्त पार्क में ड्रिप सिंचाई की शुरूआत भी की जाएगी और लगभग विलुप्त हो चुके गुग्गल के  à¤”षधीय पौधों की खेती जायेगी जिसकी लागत लगभग 50 लाख बताई जा रहा हैं।

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