जयपुर सरस राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला-2018: हैंडीक्राफ्ट और हैडलूम का अद्भुत संगम

मेले में हैंडलूम होम डेकोरेशन, ड्रेस मैटेरियल, जॉर्जट साडियां, फर्निचर, टेराकोटा, जूट के उत्पाद, राजस्थानी मिनीएचर, लाख की चूडियां, ज्वैलरी सहित विभिन्न प्रांतों के खूबसूरत उत्पाद उपलब्ध हैं।

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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जवाहर कला केन्द्र के साउथ ब्लॉक में आयोजित क्राफ्ट मेला जयपुराइट्स को बरबस लुभा रहा है। आपको चाहे घर सजाना हो या फिर खुद को सजना हो। दोनों के लिए देश के विभिन्न प्रांतों के हस्तनिर्मित उत्पाद आपको यहां उपलब्ध हो जाएंगे। यह मेला हैंडीक्राफ्ट और हैडलूम का अद्भुत संगम है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जयपुर सरस राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला-2018 का आयोजन किया जा रहा है। मेले में देशभर के विभिन्न प्रांतों से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। लगभग 150 से अधिक स्टॉल्स पर हस्तशिल्प दस्तकारों ने अपने नायाब नमूनों का प्रदर्शन किया है। मेले में हैंडलूम होम डेकोरेशन, ड्रेस मैटेरियल, जॉर्जट साडियां, फर्निचर, टेराकोटा, जूट के उत्पाद, राजस्थानी मिनीएचर, लाख की चूडियां, ज्वैलरी सहित विभिन्न प्रांतों के खूबसूरत उत्पाद उपलब्ध हैं।

मेले में झारखंड के स्वयं सहायता समूह के बांस से बने हैंडीक्राफ्ट आइट्स जयपुराइट्स को काफी आकर्षित कर रहे हैं। इनमें फ्लावर पोट, लालटेन, लाइट लैम्प, हैंगिंग लैंप, ग्लोब और घर में काम आने वाले उत्पादों की लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इसके साथ ही राजस्थान के श्रीगंगानगर के क्राफ्ट आइटम्स भी विजिटर्स को काफी लुफा रहे हैं। इनमें बांदरबाल, रंगोली, और घर सजाने के आइटम्स काफी खरीदे जा रहे हैं।

बकौल मेला संयोजक अशोक कुमावत मेले में शहरवासियों को देशभर के हस्तशिल्प के बेजोड़ और कलात्मक उत्पादों को देखने और खरीदने का मौका मिल रहा है। मेले का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों के दस्तकारों के उत्पादों की बिक्री के लिए एक मंच प्रदान करना भी है।

स्त्रोत: न्यूज़18

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