Home news अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ कहानी महोतà¥à¤¸à¤µ: अंतिम दिन छाई परमà¥à¤ªà¤°à¤¾à¤—त कहानियां, देश दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से आठकलाकारों ने यूं सà¥à¤®à¤°à¤£à¥€à¤¯ बनाया कहानियों को
अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ कहानी महोतà¥à¤¸à¤µ: अंतिम दिन छाई परमà¥à¤ªà¤°à¤¾à¤—त कहानियां, देश दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से आठकलाकारों ने यूं सà¥à¤®à¤°à¤£à¥€à¤¯ बनाया कहानियों को
Patrika news network Posted: 2017-02-27 12:19:05 IST
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उदयपà¥à¤°.
जिंदगी जीने की जदà¥à¤¦à¥‹à¤œà¤¹à¤¦ में कहीं गà¥à¤® हà¥à¤ बचपन को किसà¥à¤¸à¤¾à¤—ोई केजरिठकिसी ने पाया तो कहीं ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚-मà¥à¤¨à¥à¤¨à¥‹à¤‚ को कहानियां सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¥‡ किसी को अपना अतीत याद आया। देस-दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से आठकथाकारों और संगीतकारों ने अलग-अलग शैलियों में कठपà¥à¤¤à¤²à¥€ और पेंटिंग के जरिठन केवल कहानियां सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆà¤‚ वरन आमजन में इस कला के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ चेतना और समà¥à¤®à¤¾à¤¨ à¤à¥€ जगाया। यूं à¤à¤²à¥‡ ही रविवार को तीन दिवसीय पहले उदयपà¥à¤° टेलà¥à¤¸ फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² का विधिवत समापन हो गया, लेकिन इसके साथ ही यह कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® अपनी खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ बिखेरता सà¥à¤¨à¤¹à¤°à¥‡ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ंके बीज à¤à¥€ बो गया। मां माई à¤à¤‚कर फाउंडेशन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤¸ चेमà¥à¤¬à¤° ऑफ कॉमरà¥à¤¸ à¤à¤£à¥à¤¡ इनà¥à¤¡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤œ à¤à¤µà¤‚ राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ विà¤à¤¾à¤— की सहà¤à¤¾à¤—िता से आयोजित इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में अंतिम दिन अमà¥à¤¬à¤¾à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होटल टà¥à¤°à¤¿à¤¬à¥à¤¯à¥‚ट में सबसे पहले कोरियाई कथाकार कà¥à¤µà¤¾à¤¨ वू ने अपनी कहानी 'माई फादर' सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆà¥¤
अगले पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥‹à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ृत पतà¥à¤°à¤•ार शानà¥à¤¤à¥à¤¨ ने à¤à¤®à¤à¤¸ धोनी के जीवन से संबदà¥à¤§ रोचक जानकारियां देकर आलà¥à¤¹à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ कर दिया। इस दौरान रूसीयन कथाकार नाजिदा व सहयोगियों ने तथा गजल गायक शंशाक शेखर के साथ जà¥à¤—लबंदी कर समां बांध दिया। समापन अवसर पर कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® निदेशिका सà¥à¤·à¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ शेखर ने कहा कि राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ और अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मंच पर कहानी को पà¥à¤¨: सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने हेतॠविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के मधà¥à¤¯ समनà¥à¤µà¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने के लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ मंचों के गठन के साथ-साथ इस बात पर à¤à¥€ गौर करना होगा कि कहानियों के मानकों को न सिरà¥à¤« सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ रखा जाठवरनॠउसकी गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ में à¤à¥€ बढ़ोतà¥à¤¤à¤°à¥€ हो।महोतà¥à¤¸à¤µ की सारà¥à¤¥à¤•ता यह रही कि इस बहाने विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚, संसà¥à¤•ृतियों व समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ को आपस में जोड़ा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि यह महज à¤à¤• शà¥à¤°à¥‚आत है, इससे आगामी आयोजनों को और बेहतर बनाने के लिठन सिरà¥à¤« मारà¥à¤— पà¥à¤°à¤¶à¤¸à¥à¤¤à¤¿ मिलेगी अपितॠसमूचे विशà¥à¤µ में कहानी लेखन को पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¿à¤¤-पलà¥à¤²à¤µà¤¿à¤¤ करने में मदद मिलेगी।
इस दौरान विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ पर कहानीकारों संग शहरवासियों और बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ का संवाद इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिठसदैव सà¥à¤®à¤°à¤£à¥€à¤¯ रहेगा।
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