राजस्थान में इन्टीग्रेटेड ई-पंचायत सॉफ्टवेयर व्यवस्था एक अप्रैल से लागू

Punjab Kesari Mar 31, 2017, Shera Singh

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जयपुर, : राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने एवं पंचायतों के कार्यों की जानकारी आमजन को सहजता से उपलब्ध कराने के लिए एक अप्रैल से ई-पंचायत व्यवस्था लागू की जायेगी।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वर्ष 2016-17 बजट घोषणा की पालना में यह व्यवस्था लागू की जायेगी, जिससे सम्पूर्ण सूचनायें पब्लिक डोमेन सॉफ्टवेयर पर उपल?ब्ध हो सकेगी। ई-पंचायत सॉफ्टवेयर के माध्यम से विभाग वर्तमान में कितनी राशि ग्राम पंचायतों, पंचायत समिति एवं जिला परिषद के खातों में शेष पड़ी राशि की जानकारी के साथ बेहतर वित्त प्रबंधन संभव हो सकेगा एवं सरकार को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपयों की बचत होगी।

ई-पंचायत व्यवस्था लागू होने पर विभिन्न योजनाओं की राशि का भुगतान करने की कार्यवाही संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा ही सुनिश्चित की जायेगी, जो भुगतान ग्राम पंचायतों द्वारा वर्तमान में चैक के माध्यम से किया जा रहा है, वह भुगतान संबंधित व्यक्तियों, संस्थाओं के खाते में ग्राम पंचायतों द्वारा जमा कराया जायेगा। ई-पंचायत सॉफ्टवेयर से सरपंच एवं सचिवों के अधिकारों का कोई हनन नहीं होगा लेकिन राजकोष के समुचित उपयोग एवं पारदर्शिता में काफी वृद्धि होगी। वर्तमान में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में इसी तरह का सॉफ्टवेयर काम कर रहा है।

राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं को प्रतिवर्ष लगभग छह हजार करोड़ रुपए की राशि पंचायती राज के माध्यम से उपल?ब्ध करायी जाती है। इसमें कार्योंं का चयन ग्राम सभा द्वारा ही किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा उपल?ब्ध करायी जा रही राशि की जानकारी जनता को बिना सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटे सहजता से मिल सके, इसी उद्देश्य से इस सॉफ्टवेयर का निर्माण कराया गया है जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की जानकारियां सहजता से उपलब्ध हो सकेंगी।

सूत्रों के अनुसार ग्रामीणों द्वारा अपेक्षित कार्यों के प्रस्ताव इस सॉफ्टवेयर पर ऑनलाइन दिये जा सकते हैं एवं ग्राम पंचायत की वार्षिक विकास कार्य योजना बनाते वक्त इन सभी कार्यों को विचारार्थ प्रस्तुत किया जायेगा। ग्राम सभा द्वारा तय की गई वार्षिक कार्य योजना पंचायत के पोर्टल पर उपलब्ध हो सकेगी। कार्यों पर व्यय की जाने वाली राशि का भुगतान इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से संबंधित पंचायत के सरपंच एवं ग्राम सेवक द्वारा सीधे ही सामग्री आपूर्तिकर्ता के बैंक खाते में किया जा सकेगा। इसी प्रकार श्रमिकों को भी भुगतान उनके बैंक खातों में हो सकेगा।

सॉफ्टवेयर के माध्यम से कार्यों के चयन, वार्षिक कार्य योजना तैयार करना, जीओ टेगिंग करना, एमआईएस मैपिंग, कार्यों की स्वीकृतियां जारी करना, राशि प्राप्त करना, राशि भुगतान करना, कार्यों का निरीक्षण, यूसीसीसी जारी करना, समायोजन, आगामी किश्त की मांग करना, विभिन्न प्रकार की बैठकें, प्रशिक्षण, मानव संसाधन प्रबंधन एवं अन्य सॉफ्टवेयर के साथ इंटीग्रेशन आदि कार्य किये जायेंगे। यह सुविधायें ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध होंगी।

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