लाहौर जेल से रिहा हुए जयपुर के गजानंद, 29 अन्य भारतीयों को भी मिली आजादी

पाकिस्तान की लाहौर की लखपत जेल में पिछले 36 सालों से बंदी जयपुर के गजानंद को आज आखिर रिहाई मिल ही गई।

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पाकिस्तान की लाहौर की लखपत जेल में पिछले 36 सालों से बंदी जयपुर के गजानंद शर्मा (69) को आज आखिर रिहाई मिल ही गई। पाक दस्तावेजों के मुताबिक गजानंद पर फॉरेनर्स एक्ट में केस दर्ज था। वह पाकिस्तान में बिना ट्रेन टिकट के पकड़ा गया था। आजादी के केवल दो दिन पहले मिली वाली इस आजादी के गवाह 29 अन्य भारतीय भी बने। इन सभी को भी पाक जेल से मुक्त किया गया है। उक्त सभी भारतीय मछुआरे बताए जा रहे हैं जो भूलवश बॉर्डर पार निकल गए थे।

गजानंद शहर के नाहरगढ़ के फतेहराम का टीबा का निवासी है जो 36 साल पहले लापता हो गया था। उस समय उनकी उम्र 33 वर्ष थी। वह अपने पीछे अपनी पत्नी मखनी देवी और 12 वर्ष के पुत्र को छोड़ गए थे। आज उनका पुत्र 48 वर्ष का हो गया है। घर वाले अब तक उसे भूल भी चुके थे लेकिन इसी साल अप्रैल माह में पाक से भारतीय नागरिकता संबंधी दस्तावेज सत्यापन के लिए राजस्थान आए। तब जाकर गजानंद के जिंदा होने और पाक जेल में बंद होने की खबर लगी। इसके बाद उसकी रिहाई के प्रयास शुरु हुए थे। इन सभी 30 भारतीयों को वाघा-अटारी बॉर्डर से आज दोपहर तक भारतीय सीमा में प्रवेश कराया गया है।

इस रिहाई के बाद पिछले 5 साल से पाकिस्तान की जेल में बंद बूंदी के जुगराज भील की रिहाई के प्रयास भी तेज हो गए हैं। उनके भी जल्दी रिहा होने के आसार हैं।

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