गंगश्याम के दरबार में विदेशियों के सिर चढ़ कर बोला फागोत्सव का रंग, जम कर लगे ठुमके

Patrika news network Posted: 2017-03-09 18:26:45 IST Updated: 2017-03-09 18:26:45 IST

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जोधपुर

फाल्गुन महीना शुरू होते ही जोधपुर के भीतरी शहर स्थित गंगश्यामजी मंदिर में फागोत्सव का आयोजन प्रारंभ हो जाता है। फागोत्सव के विभन्न रंगों को में भीगने शहरी भक्तगणों संग विदेशी भी यहा पहुंचते हैं। गुरुवार को गंगश्याम मंदिर में महिलाओं ने ठुमके लगा कर फागोत्सव का आनंद उठाया। वहीं विदेशी पर्यटक भी इस उत्सव के रंग में रंग गए।

ये फागोत्सव पूरे फाल्गुल महीने चलता है। रंगपंचमी के दिन इसका समापन होता है। इस दौरान मंदिर प्रांगण में भक्त लोग रोज ठाकुर जी संग होली खेलते हैं। सभी आयु वर्ग के लोगों का क्रेज इस होली के लिए परवान पर होता है। मंदिर प्रांगण में पूरे महीने भजन मंडली विभिन्न प्रकार के होली गीत और भजन गाती हैं। यहां कृष्ण भक्ति गुलाल की होली से मंदिर में ब्रज की छठा बिखेर देते हैं।

सांवरिया थ्हारी ओळूं आवै रै.., आज बिरज में होरी रे रसिया... आदि भक्तिगीतों से उपस्थित श्रद्धालु झूमने पर विवश हो जाते हैं। इस दौरान यहां बच्चे, बूढ़े, जवान और महिलाएं भी पहुंच भक्ति और त्यौहार के रंग में सराबोर होती हैं। सुबह से दोपहर तक खेली जाने वाली इस होली में गुलाल पहले ठाकुर जी के लगाया जाता है और फिर इसी गुलाल के साथ मंदिर आने वाले हर भक्त के संग होली खेली जाती है। लगभग एक महीने मंदिर में उत्सव की सी धूम मची रहती है।

जोधपुर के इस मंदिर में कई देशी-विदेशी पर्यटक भी इस अनोखी होली का आनंद लेने पहुंचते हैं। कुछ विदेशी पर्यटक तो खासतौर पर मंदिर के फागोत्सव के लिए ही जोधपुर आते हैं। विदेशी पावणे इस फागोत्सव की तस्वीरों को कैमरे में संजो कर साथ ले जाते हैं। मंदिर की ये परंपरा सदियों पुरानी है।

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