राजस्थान की विरासत बचाने के लिए शुरू हुआ पगड़ी दिवस

जोधपुर के मारवाड़ समारोह में जहां राजस्थान की आन, बान और शान की झलक दिखाई दे रही है. खास बात यह है कि बुधवार को पहली बार पगड़ी दिवस की शुरुआत हो रही है, जहां शहर में हर कोई पगड़ी पहने नजर आ रहा है.

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राजस्थान का नाम आते ही देश और विदेश के लोगों में ऐतिहासिक विरासत की तस्वीर मन में दिखाई दे जाती है और इसी विरासत को देखने हर साल लाखों लोग राजस्थान आते हैं. लिहाजा राज्य सरकार भी ऐसे कई आयोजन करती हैं जिससे विदेशी मेहमान यहां की संस्कृति को देख सके. कुछ ऐसी ही संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है.

राजस्थान पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में एक समारोह का आयोजन किया गया. यह समारोह जोधपुर के उम्मेद राजकीय स्टेडियम में था, जहां प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं. जिसमें शहर के नागरिकों के साथ पर्यटकों ने खूब लुप्त उठाया. समारोह के तहत उम्मेद राजकीय स्टेडियम में ही देशी-विदेशी सैलानियों के बीच में मूंछों की प्रतियोगिता, साफा बांधने की प्रतियोगिता, टग ऑफ वार, रस्सा कस्सी, बैंड वादन और केमल टैटू शो का प्रदर्शन हुआ.

मारवाड़ समारोह में चाहे मुछ प्रतियोगिता हो या पगड़ी बांधने की प्रतियोगता हर किसी को समारोह में राजस्थानी संस्कृति की झलक देख खुशी महसूस होती है. मारवाड़ समारोह की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले नागरिक भी बढ़-चढ़कर पहुंचे. उनका कहना था कि इस समारोह के जरिए यहां की संस्कृति को देश-दुनिया में दिखाना अच्छा लगता है.

वहीं राजस्थान के लोग भी इन मेहमानों के लिए अपनी संस्कृति दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. यहां महिलाओं की राजस्थानी ड्रेस, मूंछे और पगड़ी पहचान है, जो दिखाई दे रही थी. स्कूली छात्रों ने मेहंदी लगाई, तो कुछ युवाओं ने पगड़ी पर पेंटिंग बनाकर पगड़ी दिवस को यादगार बनाने की कोशिश की. पर्यटन विभाग के निदेशक भानुप्रताप सिंह ने कहा कि मारवाड़ की संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए इस तरह के आयोजन हो रहे हैं.

स्त्रोत: न्यूज़ 18

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