नेतृत्व की सलाह पर बदले जाएंगे मंत्रियों के विभाग, राजनीतिक नियुक्तियां भी होगी

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल के साथ ही एक दर्जन राजनीतिक नियुक्तियां करने की तैयारी कर रही है।

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मंत्रियों की विभाग पर कमजोर पकड़ और आम लोगों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल के साथ ही एक दर्जन राजनीतिक नियुक्तियां करने की तैयारी कर रही है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की पिछले माह तीन दिवसीय जयपुर यात्रा और इसके बाद हाल ही में हुई राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की यात्रा के बाद राज्य सरकार के कामकाज में सुधार की जरूरत महसूस हुई है। पार्टी विधायकों एवं नेताओं ने अमित शाह से सरकार की योजनाओं की तो तारीफ की थी,लेकिन इनका सही ढ़ंग से क्रियान्वयन नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। विधायकों ने मंत्रियों की अपने विभाग में कमजोर पकड़ का हवाला देते हुए कहा था कि अधिकारी अपनी मनमर्जी कर रहे हैं।

भाजपा विधायकों एवं कार्यकर्ताओं तक के मंत्री काम नहीं करा पा रहे हैं। इसी तरह बुधवार को तीन दिवसीय राजस्थान यात्रा पर आए संगठन महामंत्री रामलाल ने आरएसएस मुख्यालय भारती भवन जाकर संघ के वरिष्ठ प्रचारकों से बात की तो,वहां भी मंत्रियों के कामकाज के तरीकों में सुधार की जरूरत बताई गई। इससे पहले खुद मुख्यमंत्री तक भी कुछ मंत्रियों के कार्यालय में प्राइवेट लोगों के काम करने और उनके द्वारा सरकार की छवि खराब करने की शिकायतें पहुंची थी। अब पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने विधानसभा चुनाव निकट आते देख मंत्रियों के कामकाज की रफ्तार तेज करने और आवश्यक्ता हो तो विभागों में बदलाव की बात मुख्यमंत्री से कही है।

मुख्यमंत्री ने भी कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की योजना बनाई है। इसके तहत जलदाय,चिकित्सा एवं स्वास्थ्य,शिक्षा, खाघ एवं नागरिक आपूर्ति विभागों  à¤•े मंत्री बदले जा सकते हैं।वर्तमान में इन विभागों का कार्यभार संभाल रहे मंत्रियों को कम महत्व के विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। विधायकों एवं कार्यकर्ताओं की सबसे अधिक नाराजगी चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग को लेकर है,इन दोनों ही विभागों में मंत्रियों की कमजोर पकड़ के कारण अधिकारी मनमानी कर रहे हैं, इसके कारण आम लोगों के काम नहीं हो रहे,विधायकों एवं कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है।

बांसवाड़ा के सरकारी अस्पताल में दो माह में 90 बच्चों की मौत, स्वाइन फ्लू और डेंगू से प्रतिदन हो रही मौंतों के साथ ही अस्पतालों की बिगड़ती व्यवस्था के चलते मुख्यमंत्री चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ से खुश नहीं है। पेयजल मंत्री सुरेन्द्र गोयल की बीमारी और विभाग में लगातार मिल रही भ्रष्टाचार की शिकायतों के कारण मुख्यमंत्री उन्हे कई बार चेतावनी दे चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव के लिहाज से करीब डेढ़ दर्जन ऐसे नेताओं की सूची भी तैयार की है, जिन्हे आगामी दिनों में राजनीतिक  à¤¨à¤¿à¤¯à¥à¤•्तियां देकर उपकृत किया जाएगा ।

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