सेंट्रल प्लेसमेंट एजेंसी के ज़रिये छात्रों को मिला रोज़गार

प्रदेश में उद्योगों की मांग और उनसे सांमजस्य स्थापित कर स्थानीय छात्रों को रोजगार उपलब्ध कराने की पहल अब रंग लाने लगी है।

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उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी की पहल पर बनाई गई सेन्ट्रल प्लेसमेन्ट सैल (सीपीसी) के जरिए 89 इंजीनियरिंग छात्रों को जयपुर की एक कंपनी में प्लेसमेंट दिया गया।

तकनीकी शिक्षा विभाग के जयपुर स्थित सेन्टर फॉर इलैक्ट्रॉनिक गर्वनेन्स (सीईजी) ने सेन्ट्रल प्लेसमेन्ट सैल (सीपीसी) के माध्यम से डिप्लोमा उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के लिए 17 नवम्बर को एक मेगा प्लेसमेन्ट ड्राइव का आयोजन किया। इसमें राज्य के विभिन्न 35 राजकीय व निजी पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। साक्षात्कार के बाद जयपुर की सिग्मा इलैक्टि्रक मेन्यूफैकचरिंग प्रा. लि. कम्पनी ने 89 छात्र-छात्राओं का अन्तिम चयन उन्हें जॉइनिंग करने के निर्देश दिए।

सीईजी निदेशक डॉ. अविनाश पंवार ने बताया कि मार्च में सेन्ट्रल प्लेसमेन्ट सैल बनने के बाद अभी तक इंजीनियरिंग व डिप्लोमा के लगभग 415 विद्यार्थियों का प्लेसमेन्ट विभिन्न कंपनियों में करवाया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी इस तरह के विभिन्न मेगा प्लेसमेन्ट ड्राइव के आयोजन होते रहेंगे, जिससे राज्य के बेरोजगार छात्र-छात्राओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सके।

उल्लेखनीय है कि सरकार की मंशा है कि रोजगार के लिए छात्र बड़ी कंपनियों का इंतजार नहीं करे और स्थानीय स्तर के उद्योगों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें। इसी कड़ी में यह प्लेसमेंट एंजेसी स्थानीय स्तर की इंडस्ट्री से तालमेल कर स्थानीय और योग्य युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के प्रयास कर रही है। सरकार उन स्टार्टस्अप को भी प्रोत्साहित करना चाहती है, जो स्थानीय स्तर की आवश्यकता और मांग को भी पूरा कर सके।

स्त्रोत: खासखबर

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