अब आप कर सकेंगे पुलिस के लिए रिपोर्टिंग, भेजें Crime के ऑनलाइन Video और ई-मेल

Patrika News Network Feb 27, 2017, 09:40 IST Manish Chauhan

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राजस्थान पुलिस प्रदेश में आपराधिक गतिविधियां रोकने व उसकी सूचना तुरन्त थानों तक पहुंचाने के लिए आमजन को रिपोर्टर बनाने जा रही है। 

इसके लिए राजस्थान पुलिस ने एप लॉन्च किया है। इस एप के माध्यम से आमजन कहीं पर भी हो रही आपराधिक गतिविधियों की वीडियो बनाकर उस पर अपलोड कर सकेगा। 

इतना ही नहीं इस एप पर ई-मेल या दूसरी जानकारी देने की सुविधा भी रखी गई है। आमजन की सहूलियत को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने विशेष साफ्टवेयर तैयार कराया है। 

पुलिस मुख्यालय के स्टेट क्राइम के पुलिस अधीक्षक पंकज चौधरी ने प्रदेश के सभी थानों के लिए विशेष आदेश जारी करते हुए राजकॉप सीटिजन 'एप को अपलोड करने के साथ ही वेबसाइड के बारे में आमजन को जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। 

इस एप से किस थाने में कितने वीडियो या आपराधिक ई-मेल की जानकारी आई है। इस पर कितनी कार्रवाई हुई। इसका अवलोकन मुख्यालय के साथ ही रेंज के महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, जिला पुलिस अधीक्षक व थानाधिकारी क्लिक कर देख सकेंगे, लेकिन किस व्यक्ति ने किस थाने की शिकायत की है। इसका पता किसी अधिकारी को नहीं लगेगा।

क्या है राजकॉप सीटिजन एप

राजकॉप सीटिजन एप में प्रदेश का कोई भी नागरिक किसी भी आपराधिक घटना की फोटो/वीडियो बनाकर अपलोड कर सकेगा। जिला कंट्रोल रूम व थानों से यह एप सीधा जुड़ा रहेगा।

साइबर एक्सपर्ट की निगाहों में रहेगा एप

कंट्रोल रूम तथा पुलिस थानों की स्पेशल टीम के साइबर एक्सपर्ट एप पर निगाह रखेंगे। एप पर डाउनलोड की जाने वाली वीडियो या फोटो ई-मेल, एसएमएस को तुरन्त संबंधित थाने या जिला मुख्यालय पर प्रेषित कर जानकारी दी जाएगी। 

जयपुर पुलिस मुख्यालय साइबर एक्सपर्ट वेबपोर्टल पर थाने के लॉग-इन होम पेज पर इसे प्रदर्शित करेंगे। इससे संबंधित थाने की ओर से तुरन्त वांछित कार्रवाई की जा सकेगी।

रिपोर्टर ले सकेगा जानकारी

एप के माध्यम से पुलिस की मदद करने वाले आमजन 'रिपोर्टर की भेजी गई वीडियो या ई-मेल पर क्या कार्रवाई हुई है। इसकी जानकारी इसी एप से ली जा सकेगी। हर थाना कार्रवाई होने के बाद उसे एप पर अपडेट करने के साथ ही जानकारी देगा।

राजकॉप सीटिजन एप के बारे में बीट अधिकारी को जानकारी देने के साथ ही आमजन को भी अवगत कराया जा रहा है। थानों में साइबर की टीम को प्रशिक्षित किया गया है। आमजन से अपील है कि वह इस एप के माध्यम से अपराधों को रोकने में पुलिस का सहयोग करें।

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