बाड़मेर में बनेगी देश की पहली इको फ्रेंडली रिफाइनरी, जाने क्यों हैं यह ख़ास

राज्य सरकार आज स्वीकार करेगी बाड़मेर रिफाइनरी का समझौता ज्ञापन

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राज्य सरकार बाड़मेर रिफाइनरी का एमओयू अथवा समझौता ज्ञापन आधिकारिक रूप आज से स्वीकार कर लेगी|

बाड़मेर रिफाइनरी बीएस-6 मानकों पर बनने वाली देश की पहली रिफाइनरी होगी| गौरतलब हैं अभी तक देशभर में अधिकतर रिफाइनरी बीएस-3 या बीएस-4 मानकों पर ही चल रही हैं| ऐसे में बाड़मेर के पचपदरा इलाके में बनने वाली यह रिफाइनरी देश की पहली इको-फ्रेंडली रिफाइनरी भी होगी|

बीएस-6 मानक की इस रिफाइनरी की कई विशेषताएं होगी | यह सालाना 2.5 मिलियन टन कच्चे तेल का उत्पादन करेगी वह भी न्यूनतम प्रदुषण के साथ| रिफाइनरी के वेस्ट के रूप में जो पेटकॉक की उत्पत्ति होगी उसे भी विद्युत के उत्पादन के लिए उपयोग में लिया जाएगा| विद्युत उत्पादन के लिए रिफाइनरी में ही पॉवर प्लांट भी लगाया जाएगा|

अनुमान लगाया जा रहा हैं की इस वेस्ट पेटकॉक से करीबन 250 मेगावाट बिजली तैयार की जाएगी जिसमे से केवल 200 मेगावाट बिजली ही रिफाइनरी के उपयोग में आएगी| अब तक अन्य रिफाइनरी में विद्युत व्यय के लिए गैस का उपयोग होता रहा हैं जिससे राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता रहा हैं| ऐसे में यह रिफाइनरी न केवल पर्यावरण के परिप्रेक्ष्य से बल्कि आर्थिक रूप से भी राज्य सरकार के लिए एक बढ़ी उपलब्धि होगी|

इन सब फायदों से लैस इस रिफाइनरी के निर्माण में औसतन 4 वर्ष का समय लगेगा व बनने के बाद इसकी औसतन आयु 30 वर्ष होगी|

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